"मेघालय की जनता भारतीय जनता पार्टी और नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) चुनाव के समय एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार का आरोप-प्रत्यारोप का जो ड्रामा खेल रहे हैं, उसे जनता देख रही है। उनका क्लाइमेक्स यहां की जनता 27 फरवरी को लिखेगी।" यह कहना है कांग्रेस सांसद और मेघालय स्क्रीनिंग समिति के अध्यक्ष गौरव गोगोई का। अमर उजाला से की गई बातचीत में जहां उन्होंने कांग्रेस को लेकर भाजपा भ्रष्टाचार का सारा आरोप एनपीपी पर मढ़ कर खुद को पाक साफ बता रही है, लेकिन वह यह भूल रही है कि वह भी उस सरकार का हिस्सा थी। जनता सब कुछ देख रही है और जनता समझ रही है कि यह केवल एक ड्रामा है। जनता ने देखा कि किस तरह से पिछले पांच वर्षों में दोनों ने मिलकर मेघालय के प्राकृतिक संसाधनों का अपने लिए दोहन किया।
अमर उजाला से खास बातचीत में कांग्रेस के सांसद और मेघालय स्क्रीनिंग समिति के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा, कांग्रेस एक नई और ऊर्जावान उम्मीदवारों के साथ चुनावी मैदान में उतरी है। मेघालय के लोगों का उन्हें भरपूर प्यार और आशीर्वाद मिल रहा है। सरकार बनते ही कांग्रेस चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वायदे पूरे करेगी।
गोगोई ने कहा, लोगों को समझ आ रहा है कि यहां के मुख्यमंत्री कॉरनाड संगमा खुद कोई फैसला नहीं ले सकते। उनको हर फैसला लेने से पहले दिसपुर और दिल्ली की ओर देखना पड़ता है। वे एक कमजोर मुख्यमंत्री साबित हुए हैं। इसलिए उन पर भाजपा भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है और खुद को पाक-साफ घोषित कर रही है। उनको लगता है कि जनता बेवकूफ है। उनको नहीं दिख रहा है कि उनके दो विधायक सरकार के हिस्सा थे।
उन्होंने कहा, मेघालय की जनता देख रही है कि पिछले पांच वर्षों में दोनों ही पार्टियों ने मिल कर किस तरह से यहां की प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया। अपनी-अपनी जेबें भरी जबकि यहां का युवा बेरोजगारी से लड़ रहा है। पिछले पांच वर्षों में एक मेडिकल कॉलेज खोल नहीं पाए। उच्च शिक्षा के लिए यहां के बच्चों को बाहर जाना पड़ता है। कितने ही घोटाले हुए, लेकिन तब भाजपा कहां गई थी, जो अब एनपीपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है। मेघालय की जनता को जवाब तो भाजपा को भी देनी होगी। वे अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
गोगोई ने तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा, तोला और कट मनी से अपनी जेबें भरने वाली बंगाल की ममता बनर्जी की पार्टी अब यहां के लोगों से लुभावने वायदे कर रही है। वास्तव में उनकी नजर यहां की कोयला और प्राकृतिक संसाधनों पर है। बंगाल बहुत दूर नहीं है और यहां के लोग बंगाल की राजनीति पर गहरी समझ रखते हैं। उनकी दाल यहां नहीं गलने वाली।
गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर करार तंज कसते हुए कहा, वास्तव में असम के मुख्यमंत्री की चाभी गृहमंत्री के हाथ में हैं। उनके पास हिमंत के भ्रष्टाचार के सारी जानकारी है, इसलिए गृहमंत्री जो कहते हैं, उनको करना पड़ता है। कल अगर केंद्र की सरकार बदलती है तो सबसे पहले भाजपा को बाय-बाय कहने वाले हिमंत बिस्वा सरमा ही होंगे।
गोगोई ने कहा, मेघालय में इस बार नई कांग्रेस है। युवाओं और महिलाओं को हमने मैदान में उतारा है। महिलाओं को सबसे अधिक दस सीटें कांग्रेस ने ही दी है। लोगों का भारी समर्थन कांग्रेस को मिल रही है। सरकार बनते ही केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा, बीपीएल परिवार की महिला को प्रत्येक माह तीन हजार रुपए और बीपीएल परिवार को हर साल चार गैस सिलेंडर मुफ्त देने जैसी योजनाओं को लागू करेंगे।