प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घाना दौरे पर जाने के बीच कांग्रेस ने बुधवार को घाना के पूर्व राष्ट्रपति क्वामे नक्रूमा और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बीच के घनिष्ठ संबंधों को याद किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा, 60 के दशक के मध्य तक, घाना और अफ्रीकी राजनीति पर क्वामे नक्रूमा का दबदबा था।
घाना और अफ्रीकी राजनीति पर क्वामे नक्रूमा का दबदबा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, जवाहरलाल नेहरू के साथ उनके बहुत मधुर संबंध थे, जो मार्च, 1957 में घाना के स्वतंत्र होने से भी पहले बने थे। अकरा में एक प्रमुख सड़क जिस पर इंडिया हाउस स्थित है, उसका नाम नेहरू के नाम पर है, जबकि नई दिल्ली में राजनयिक एन्क्लेव का नाम क्वामे नक्रूमा मार्ग है।
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66 साल पहले भारत आए थे नक्रूमा; बंगलुरू-मैसूर में पांच दिन रहे
नक्रूमा 22 दिसंबर, 1958 से 8 जनवरी, 1959 तक भारत दौरे पर थे। वह नई दिल्ली, मुंबई, नांगल, चंडीगढ़, झांसी, आगरा, बंगलुरू, मैसूर और पुणे में रहे थे। अकेले बंगलुरू और मैसूर में उन्होंने पांच दिन बिताए थे। रमेश ने बताया कि नक्रूमा ने ट्रॉम्बे परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठान, राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, भाखड़ा नांगल बांध और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का विशेष दौरा भी किया।
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया
बता दें कि पीएम मोदी ने भी घाना का सर्वोच्च सम्मान दिए जाने के बाद दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया। घाना में 'द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना' से सम्मानित होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'घाना के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व और सम्मान की बात है... मैं राष्ट्रपति महामा, घाना सरकार और घाना के लोगों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।'
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सम्मान भारत और घाना के बीच ऐतिहासिक संबंधों को समर्पित
पीएम मोदी ने कहा, 'मैं 1.4 अरब भारतीयों की ओर से विनम्रतापूर्वक यह सम्मान स्वीकार करता हूं। मैं यह पुरस्कार हमारे युवाओं की आकांक्षाओं, उनके उज्ज्वल भविष्य, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं तथा भारत और घाना के बीच ऐतिहासिक संबंधों को समर्पित करता हूं।'