भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायकों और विपक्षी दलों में तोड़-फोड़ के आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने कहा, INDIA में शामिल दलों में कोई बिखराव नहीं हो रहा है, लेकिन भाजपा सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस की टिप्पणी बिहार में जारी सियासी हलचल के कारण बेहद गंभीर मानी जा रही है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश एक बार फिर भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो सकते हैं।
INDIA के मुख्य शिल्पकार नीतीश और ममता
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीतीश से संपर्क करने का प्रयास किया है, लेकिन अभी बात नहीं हो सकी है।' उन्होंने कहा कि व्यस्तताओं के कारण नीतीश और खरगे का संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि खरगे ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बात करने का प्रयास कर चुके हैं। उन्हें पत्र लिखा है। रमेश ने कहा कि विपक्षी दलों की एकजुटता और 28 दलों के गठबंधन- INDIA के मुख्य शिल्पकारों (co-architects) में नीतीश और ममता अग्रणी रहे हैं।
गठबंधन में कथित बिखराव की अटकलें
बकौल जयराम रमेश, उन्हें पूरा भरोसा है कि दोनों INDIA का हिस्सा बने रहेंगे। बता दें कि ममता पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर चुकी हैं। नीतीश के INDIA छोड़ने से सत्तारूढ़- NDA का खेमा और मजबूत हो जाएगा। बिहार की सियासत और राष्ट्रीय स्तर पर बने गठबंधन में कथित बिखराव की अटकलों के बीच कांग्रेस पार्टी ने भाजपा नीत केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी जमकर हमला बोला। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने इस्राइल में मजदूरी करने जा रहे श्रमिकों का जिक्र करते हुए तीखे सवाल किए।
नौकरी की तलाश में हजारों युवा UP-हरियाणा से युद्धग्रस्त इस्राइल पहुंचे, कांग्रेस क्या बोली?
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लोगों के इस्राइल जाकर नौकरी तलाशने के लिए कतारों में खड़ी होने की खबरों के हवाले से कहा, कतार में खड़े हजारों लोग देश में 'बेरोजगारी की गंभीर स्थिति' की जिंदा गवाही दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के दावों के साथ यह क्रूर मजाक है। जयराम रमेश ने कहा कि युद्धग्रस्त इस्राइल में फलस्तीनी श्रमिकों की जगह खाली है। देश में बेरोजगारी का आलम यह है कि यूपी और हरियाणा के हजारों युवा नौकरियां हासिल करने के लिए इस्राइल में कतार में खड़े हैं।
अर्थव्यवस्था को संभालने के तरीकों की आलोचना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने कहा कि नैतिक और राजनीतिक मुद्दों को छोड़ दीजिए। इस्राइल और हमास के युद्ध पर अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (ICJ) का फैसला अहम है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इससे हमारे देश में बेरोजगारी की गंभीर स्थिति का पता नहीं लगता? क्या ICJ के फैसले में शामिल टिप्पणी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और रोजगार पैदा करने के दावों का मजाक नहीं उड़ाती? गौरतलब है कि कांग्रेस अर्थव्यवस्था को संभालने के तरीकों की आलोचना करती रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी हमला करते रहे हैं। बढ़ती बेरोजगारी और मूल्य वृद्धि जैसी चुनौतियों पर कांग्रेस लगातार सरकार को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रही है।