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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द: चुनाव आयोग के बाहर कांग्रेस का धरना, अंदर न जाने देने का लगाया आरोप

Tue, 09 Jun 2026 08:17 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी के नेता जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल समेत कई नेता निर्वाचन आयोग पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोका गया तथा प्रतीक्षा कक्ष में बैठने तक की अनुमति नहीं दी गई। पढ़िए रिपोर्ट-
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निर्वाचन आयोग के बाहर कांग्रेस नेता - फोटो : एक्स/एएनआई
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विस्तार
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कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को निर्वाचन आयोग में याचिका सौंपने के दौरान रोका गया। रमेश ने कहा कि वह सिर्फ अपनी याचिका सौंपने आए थे। लेकिन उन्हें प्रतीक्षा कक्ष (वेटिंग रूम) में बैठने तक की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि वह 35 वर्षों से अधिक समय से सांसद रहे हैं और उन्हें 10 मिनट से ज्यादा इंतजार कराया गया। उन्होंने इस व्यवहार को अनुचित बताते हुए कहा कि ऐसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा।
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धरने पर बैठे केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा?

  • कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह लोकतंत्र का बुनियादी मामला है और जब तक उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक वे वहीं बैठे रहेंगे।
  • उन्होंने कहा कि वहां पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद मौजूद हैं, फिर भी उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
  • रमेश ने आरोप लगाया कि उनकी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ न तो कोई एफआईआर दर्ज है और न ही कोई आरोपपत्र दाखिल किया गया है। फिर भी उनका नामांकन बिना किसी ठोस वजह के रद्द कर दिया गया।
  • उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दो घंटे पहले ही लिखित रूप से सूचना दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निर्वाचन आयोग के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।
 

सचिन पायलट ने क्या आरोप लगाए?

वहीं, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, जिस सीट पर कांग्रेस जीतने की उम्मीद कर रही थी, उसी सीट के लिए उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग में कोई अधिकारी मिलने के लिए तैयार नहीं है और यह कहा जा रहा है कि वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं है। उन्होंने दावा किया कि केवल एक नोटिस के आधार पर किसी राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन रद्द करने का यह पहला मामला है। जबकि उम्मीदवार के खिलाफ कोई मामला या एफआईआर भी दर्ज नहीं है।

निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को दिया मिलने का समय

 

निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए कल दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है।

पूरा मामला क्या हुआ?

मध्य प्रदेश कोटे की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है। भाजपा की आपत्ति पर निर्वाचन अधिकारी ने यह फैसला लिया। इस फैसले के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। उनकी उम्मीदवारी रद्द होने के बाद रमेश याचिका देने के लिए निर्वाचन आयोग पहुंचे थे। 

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित प्रकरण की जानकारी नहीं दी है। इसी आधार पर भाजपा ने उनका नामांकन निरस्त करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पार्टी के अनुसार उन्हें केवल अदालत की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ था, इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख करने का कोई दायित्व नहीं था।
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ये भी पढ़ें: 'RTI अनुभाग के गठन जुड़े दस्तावेज खोजें या शपथ पत्र दाखिल करें', केंद्रीय सूचना आयोग का DoPT को निर्देश

दरअसल, हैदराबाद की फोर्थ एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में कॉरपोरेटर ए. श्रीलता ने मीनाक्षी नटराजन सहित अन्य लोगों के खिलाफ एक परिवाद दायर किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिव कुमार रेड्डी नामक व्यक्ति ने उनके साथ छेड़छाड़ की और मीनाक्षी नटराजन ने उसे संरक्षण दिया। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।


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