कांग्रेस ने एक समय अपने परंपरागत वोटबैंक रहे दलित मतदाताओं को दोबारा रिझाने की कवायद शुरू कर दी है। कांग्रेस से टूटकर बसपा व अन्य क्षेत्रीय दलों की झोली में जा चुके दलित मतदाताओं को दोबारा जोड़ने के लिए पार्टी ने संगठन में नीचे से ऊपर तक दलित भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही पार्टी का अनुसूचित जाति विभाग हर दलित मतदाता के घर तक पहुंच बनाने के लिए अभियान छेड़ेगा। इसके लिए मोहल्ला, उपमोहल्ला, नगर, कॉलोनी, फ्लैट स्कीम के साथ ही गांव और उप-गांव इकाइयों का गठन करने की तैयारी है।