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26/11 हमले के दस साल: पाकिस्तान ने अब लगाया 27 भारतीय गवाहों का अड़ंगा

Sun, 25 Nov 2018 04:13 AM IST
गुंजन कुमार
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mumbai attack
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26/11 मुंबई आतंकी हमले के दसवें साल भी पाकिस्तान अपनी अदालत में चल रहे मुकदमों को लेकर तरह-तरह के अड़ंगे लगा रहा है। ताजा मामला हमले से संबंधित 27 भारतीय गवाहों का है जिन्हें पाक कोर्ट अपने यहां पेश होने को कह रही है। इस्लामाबाद ने इस साल जनवरी में नई दिल्ली से इन गवाहों को भेजने को कहा था लेकिन भारत की दलील है कि पाक इनकी गवाही के आड़ में धूल झोंक रहा है। अगर वह वाकई अपनी अदालती कार्यवाही को लेकर गंभीर है तो वह डेविड हेडली की गवाही को रिकॉर्ड पर लेकर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।  
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इस मामले के विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने खुलासा किया कि पाक अदालत में जो मुकदमे चल रहे हैं, वे मुंबई हमले की साजिश से संबंधित है जो पाकिस्तान की जमीन पर रची गई और वहीं से अंजाम दिया गया। जबकि यहां के 27 गवाह तकनीकी तौर पर हमले से संबंधित है जो दस साल पहले मुंबई में हुआ। इन गवाहों का पाक में रची गई साजिश से संबंध नहीं लेकिन पाकिस्तान इन्हीं गवाहों पर अटका है। उनके मुताबिक, मुकदमे का असल गवाह लश्कर आतंकी अमेरिकी नागरिक डेविड हेडली है जिसे पाकिस्तान लगातार नजरअंदाज कर रहा है। भारत और अमेरिका ने हेडली की जो औपचारिक गवाही पाकिस्तान को सौंपी है उससे मुंबई हमले की पूरी साजिश साबित होती है लेकिन पाकिस्तान ऐसा नहीं कर रहा। हेडली फिलहाल अमेरिकी जेल में बंद है। 

निकम ने कहा कि भारत 27 गवाहों के बयान भी रिकॉर्ड कराने को तैयार है। भारत ने पाकिस्तान से पेशकश की है कि यह गवाही या तो वीडियो कांफ्रेंसिंग से जरिए कराए या पहले की तरह एक अपना न्यायिक आयोग भारत भेजे। भारत ने यह सवाल भी किया है कि पाकिस्तान में इन 27 गवाहों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा। इस पर पाकिस्तान ने चुप्पी साध रखी है। निकम ने आशंका जाहिर की कि पाकिस्तान ऐसे बहाने कर एक दिन सारे आरोपियों को छोड़ देगा और इसका सारा दोष भारत पर मढ़ देगा। 
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लखवी है पूरी साजिश का मास्टरमाइंड

निकम ने बताया कि हेडली मुंबई हमले के पहले और बाद में भारत आया था। वह मुंबई हमले की पूरी साजिश का गवाह है। यह बातें उसकी और हमले के मास्टरमाइंड जकी-उर-रहमान लखवी के बीच ई-मेल से हुई बातचीत से भी पुख्ता होती है। हेडली ने अमेरिकी एजेंसी को बताया है कि लखवी पूरी साजिश का मास्टरमाइंड है। जबकि पूरे मामले का सरगना लश्कर प्रमुख हाफिज सईद है लेकिन पाकिस्तान हेडली की बात को रिकॉर्ड पर लेने से आनाकानी कर रहा है।

 

हाफिज सईद पर कोई कार्रवाई नहीं की

पाकिस्तान एटीएस ने 2009 में लखवी के अलावा अब्दुल वाहिद, मजहर इकबाल, हम्माद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और युनूस अंजुम को मुंबई हमले की साजिश में गिरफ्तार किया था। पिछले साल पूरे हमले के फाइनेंसर सुफिया जफर को भी गिरफ्तार किया गया लेकिन पाक अदालत ने लखवी को जमानत पर रिहा कर दिया है। भारत की ओर से आपत्ति जताने पर पाकिस्तान ने लखवी के खिलाफ उल्टा ठोस सबूत देने को कहकर पल्ला झाड़ लिया। उसने हाफिज सईद के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

 
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अबू जुंदाल ने भी लखवी, सईद को साजिशकर्ता बताया

महाराष्ट्र के बीड जिला का रहने वाला जैबुद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदाल हमले के दिन कराची के उस कंट्रोल रूम में था जहां से नौ हमलावर आतंकियों को निर्देश दिए जा रहे थे। वह हिंदी में आतंकियों से बातें कर रहा था जिसकी वजह से एजेंसियों को उसके बारे में पता चला। हमले के बाद साजिशकर्ताओं ने उसे सऊदी अरब भेज दिया। भारत की लंबी कोशिशों के बाद जुंदाल हाथ आया। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। जुंदाल ने पूछताछ में बताया कि हमले के दिन लखवी कंट्रोल रूम में मौजूद था और हाफिज सईद को पल पल की खबर दी जा रही थी। जुंदाल के साथ आतंकियों को निर्देश देने वालों में मुजम्मिल भट उर्फ अबू काफा, तकनीकी विशेषज्ञ जरार शाह, लखवी का खास गुर्गा अबू अल कामा और वारिस उर्फ साजिद मीर था। जुंदाल के अलावा सभी पाकिस्तानी हैं। साजिद मीर के बारे में अमेरिका ने पाकिस्तान को पुख्ता जानकारी दी है। मुंबई पुलिस के हाथों आतंकी अजमल कसाब के पकड़े जाने के बाद इस सभी को मुजफ्फराबाद भेज दिया गया था। वह अब तक पाकिस्तानी एजेंसियों के हाथ नहीं लगे। जुंदाल की पूछताछ का सारा ब्योरा पाकिस्तान को साजिश के सबूत के तौर पर दिया गया है लेकिन वहां की अदालत इसे तवज्जो नहीं दे रही। 
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