क्या कांग्रेस के लिए मुसीबत हो गई है स्टालिन की दोस्ती
सियासी जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे ने जिस तरह से सनातन धर्म पर विवादित बयान दिया है वह कांग्रेस के लिए एक तरह से मुसीबत जैसी हो गई है। राजनीतिक जानकार और वरिष्ठ पत्रकार जीडी शुक्ला कहते हैं कि INDIA गठबंधन में डीएमके विपक्ष का एक अहम सहयोगी है। लेकिन जिस तरीके की सियासत तमिलनाडु में होती आई है और डीएमके उसके पक्ष में खड़ा रहा है वह कांग्रेस के लिए मुसीबत जैसी हो सकती है। उनका कहना है कि इस मामले में भी स्टालिन के बेटे ने विवादित बयान देकर कांग्रेस को मुसीबत में तो डाल ही दिया है। हालांकि कांग्रेस ने इस पूरे मामले में खुद को अलग करते हुए यह डीएमके का अपना निजी बयान बताया लेकिन इससे सियासत में उठा तूफान शांत नहीं हुआ। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस अपने स्टैंड पर कायम रहती उससे पहले ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने पूरी कर दी।
प्रियांक खरगे ने क्या दिया बयान?
दरअसल सोमवार को मीडिया से बात करते हुए प्रियांक खरगे ने कहा कि कोई भी धर्म, जो असमानता को बढ़ावा देता है और इंसान होने की गरिमा का हनन करता है तो वह धर्म नहीं है। खरगे ने कहा कि कोई भी धर्म जो समान अधिकार नहीं देता या इंसानों से इंसानों की तरह व्यवहार नहीं करता है वह बीमारी जैसा है। अब प्रियांक खरगे के बयान के बाद सियासत में एक बार फिर से तूफान खड़ा हो गया है। दरअसल डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अपने बयान में कहा कि कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जिनका विरोध करना काफी नहीं होता, हमें उन्हें मिटाना ही होगा। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये ऐसी चीजें हैं जिनका हम केवल विरोध नहीं कर सकते बल्कि हमें इन्हें मिटाना होगा। सनातन भी ऐसा ही है। उदयनिधि स्टालिन के इस बयान के बाद उनकी तीखी आलोचना शुरू हो गई।
उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा कहते हैं कि INDIA गठबंधन कुछ लालची लोगों का समूह है। जो सत्ता की चाहत में अनाप शनाप बोले जा रहे हैं। सत्ता के लालची लोगों और सनातन धर्म के प्रति दिल में द्वेष रखने वालों की मंशा कभी पूरी नहीं हो सकती। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी कहते हैं कि पहले INDIA गठबंधन के साझेदारी इनके स्टालिन के बेटे सनातन धर्म पर हमला बोलते हैं। अब कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने ऐसा ही विवादित बयान देकर कांग्रेस की मंशा साफ कर है। वह कहते हैं कि कांग्रेस भले ही ऊपर से कुछ कह रही हो लेकिन अंदर ही अंदर उसके नेता और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बेटे की मंशा जुबान पर आ ही गई। राकेश त्रिपाठी कहते हैं कि इस पूरे मामले में सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि INDIA बंधन से ताल्लुक रखने वाले सभी राजनीतिक दल सनातन धर्म पर अमर्यादित बोलने वाले नेता और उसकी पार्टी के साथ खड़े हैं।