इससे पहले कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने अदाणी समूह के खिलाफ 'हिंडनबर्ग रिसर्च' द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले को लेकर संसद भवन के परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। दलों ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में इसकी जांच कराए जाने की मांग की।
हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट और अदाणी समूह से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देशभर में प्रदर्शन किया। उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और जीवन बीमा निगम (LIC) के दफ्तरों के सामने प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर समेत देशभर में विरोध प्रदर्शन किया।
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इससे पहले कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने अदाणी समूह के खिलाफ 'हिंडनबर्ग रिसर्च' द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले को लेकर संसद भवन के परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया। दलों ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में इसकी जांच कराए जाने की मांग की।
इस प्रदर्शन से पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में बैठक कर विपक्षी नेताओं ने साझा रणनीति पर चर्चा की। विपक्षी दलों की बैठक में कांग्रेस, भारत राष्ट्र समिति, आम आदमी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), द्रमुक, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव ठाकरे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और कुछ अन्य दलों के नेता शामिल हुए। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य विपक्ष की बैठक में शामिल नहीं हुए थे, लेकिन संसद परिसर में हुए प्रदर्शन में वे शामिल हुए।
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संसद का बजट सत्र गत मंगलवार यानी 31 जनवरी को शुरू हुआ था। सत्र का पहला भाग 13 फरवरी तक चलेगा। 14 फरवरी से 12 मार्च तक सदन की कार्रवाई नहीं होगी। इस दौरान विभागों से संबंधित संसदीय स्थायी समितियां अनुदान मांगों की समीक्षा करेंगी और अपने मंत्रालयों और विभागों से संबंधित रिपोर्ट तैयार करेंगी। बजट सत्र का दूसरा भाग 13 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगा।