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Karnataka: 2013 के मुकाबले ज्यादा वोट पाकर भी 2018 में घटीं कांग्रेस की सीटें, किस जिले में किसे मिली थी जीत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 14 Mar 2023 06:32 PM IST

सार

2018 में कांग्रेस को कुल 39 फीसदी वोट मिला। जो 2013 के मुकाबले 2.4 फीसदी ज्यादा था। हालांकि, उसकी  42 सीटें कम हो गईं। 2013 में कांग्रेस ने जहां 122 सीटें जीतीं थीं। वहीं, 2018 पार्टी 80 सीटों पर सिमट गई।
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA

कर्नाटक विधानसभा चुनाव का बिगुल कभी भी बज सकता है। सभी पार्टियां जोरो-शोरों से तैयारी में लग गई हैं। 2018 के चुनावों में भाजपा 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। हालांकि, 224 सीटों वाली विधानसभा में 113 के बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई थी। 

चुनाव के बाद कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) ने मिलकर सरकार बनाई। एक साल बाद ही कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायकों के पाला बदलने के बाद भाजपा ने राज्य में सरकार बनाई। राज्य के 31 जिलों की बात करें तो 31 में से 17 जिलों में भाजपा को जीत मिली थी। 

आइये जानते हैं 2018 में जिलावार किस पार्टी का कैसा प्रदर्शन था? किन जिलों में भाजपा को जीत मिली थी? किन जिलों में कांग्रेस और जेडीएस जीतने में सफल रहे थे? किस जिले में किस पार्टी का खाता तक नहीं खुला? किस पार्टी का वोट शेयर कितना था?

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA

कर्नाटक विधानसभा चुनाव का बिगुल कभी भी बज सकता है। सभी पार्टियां जोरो-शोरों से तैयारी में लग गई हैं। 2018 के चुनावों में भाजपा 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। हालांकि, 224 सीटों वाली विधानसभा में 113 के बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई थी। 

चुनाव के बाद कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) ने मिलकर सरकार बनाई। एक साल बाद ही कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायकों के पाला बदलने के बाद भाजपा ने राज्य में सरकार बनाई। राज्य के 31 जिलों की बात करें तो 31 में से 17 जिलों में भाजपा को जीत मिली थी। 

आइये जानते हैं 2018 में जिलावार किस पार्टी का कैसा प्रदर्शन था? किन जिलों में भाजपा को जीत मिली थी? किन जिलों में कांग्रेस और जेडीएस जीतने में सफल रहे थे? किस जिले में किस पार्टी का खाता तक नहीं खुला? किस पार्टी का वोट शेयर कितना था?

2013 के मुकाबले किसे कितने वोट मिले? 
2018 में कांग्रेस को कुल 39 फीसदी वोट मिला। जो 2013 के मुकाबले 2.4 फीसदी ज्यादा था। हालांकि, उसकी  42 सीटें कम हो गईं। 2013 में कांग्रेस ने जहां 122 सीटें जीतीं थीं। वहीं, 2018 पार्टी 80 सीटों पर सिमट गई। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 36.2 फीसदी वोट मिला। भाजपा के वोट शेयर में 2013 की तुलना में 16.3 फीसदी का इजाफा हुआ। वहीं, सीटों के लिहाज से उसे 64 सीटों का फायदा हुआ। पार्टी की 40 से बढ़कर 104 सीट पर पहुंच गई। राज्य की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी जेडीएस का वोट शेयर 18.3 फीसदी था। जो 2013 के मुकाबले 1.6 फीसदी कम था। वहीं, पार्टी की सीटें 40 से घटकर 37 हो गईं थीं। 

किस पार्टी ने कितने जिलों में दर्ज की जीत?
2018 के चुनाव में राज्य के 31 जिलों में से 15 जिलों में भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, आठ जिलों में कांग्रेस ने निर्णायक बढ़त बनाई। चार जिलों में सबसे ज्यादा सीटें जेडीएस के खाते में गईं। बेंगलुरु ग्रामीण जिले की चार सीटों में दो-दो सीटें कांग्रेस और जेडीएस के खाते में गई। वहीं, भाजपा का जिले में खाता तक नहीं खुला। 

विजयपुरा जिले की आठ सीटों में से तीन-तीन सीटें भाजपा और कांग्रेस के खाते में गईं थीं। वहीं, दो सीटों पर जेडीएस के उम्मीदवार जीते थे। बेल्लारी जिले की छह सीटों में तीन-तीन सीटें भाजपा और कांग्रेस के पास गईं थीं। 11 सीटों वाले तुमकुर जिले में चार-चार सीटें भाजपा और जेडीएस के खाते में गईं। वहीं, तीन सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA

भाजपा को किन जिलों में जीत मिली?
2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 15 जिलों बढ़त बनाई थी। बेलगाम, बागलकोट,चिकमगलूर, चित्रदुर्ग, दक्षिण कन्नड़, दावणगेरे, धारवाड़, गदग, हावेरी, कोडागू, कोप्पल, शिमोगा, उडुपी, उत्तर कन्नड और यादगिर जिलों में पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलीं। कोदगु और उडुपी में भाजपा के अलावा किसी पार्टी का खाता नहीं खुला। कोदगु जिले की दोनों और उडुपी जिले की पांचों सीटें भाजपा के खाते में गई थीं। भाजपा ने जिन 104 सीटों पर जीत दर्ज की उनमें से 70 सीटें इन्हीं 15 जिलों से जीतीं थीं।    

 

जिला

कुल सीट

भाजपा

कांग्रेस

जेडीएस

अन्य

बेलगाम

18

10

8

0

0

बागलकोट

7

5

2

0

0

चिकमगलूर

5

4

1

0

0

चित्रदुर्ग

6

5

1

0

0

दक्षिण कन्नड़

8

7

1

0

0

दावणगेरे

7

5

2

0

0

धारवाड़

7

5

2

0

0

गदग

4

3

1

0

0

हावेरी

6

4

1

0

1

कोडागू

2

2

0

0

0

कोप्पल

5

3

2

0

0

शिमोगा

7

6

1

0

0

उडुपी

5

5

0

0

0

उत्तर कन्नड

6

4

2

0

0

यादगिर

4

2

1

1

0

कर्नाटक विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA

कांग्रेस ने किन जिलों में किया सबसे बेहतर प्रदर्शन?
2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने आठ जिलों में बढ़त बनाई थी। इन जिलों में गुलबर्गा, बिदर, रायचूर, बेल्लारी, चिकबल्लापुर, कोलार, बेंगलुरु, बेंगलुरु ग्रामीण और चामराजनगर शामिल थे। बेंगलुरु जीले की 28 सीटों में से कांग्रेस को सबसे ज्यादा 15 सीटें मिलीं थीं। इन आठ में से दो जिलों चिक्काबल्लापुर और कोलार में भाजपा का खाता नहीं खुला था। वहीं, तीन जिलों चमराजानगर, गुलबर्गा और विजयनगर में जेडीएस को एक भी सीट नहीं मिली थी। 

 

जिला

कुल सीट

भाजपा

कांग्रेस

जेडीएस

अन्य

बेंगलुरु

28

11

15

2

0

बिदर

6

1

4

1

0

चामराजनगर

4

1

2

0

1

चिकबल्लापुर

5

0

4

1

0

गुलबर्गा

9

4

5

0

0

कोलार

6

0

4

1

1

रायचूर

7

2

3

2

0

विजयनगर

4

1

3

0

0

कर्नाटक विधानसभा चुनाव - फोटो : AMAR UJALA

जेडीएस को किन जिलों में मिली जीत
2018 के चुनाव में राज्य के 31 में से चार जिलों में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस को बड़ी बढ़त मिली। इन जिलों में देवगौड़ा परिवार का गृह क्षेत्र हासन, मंड्या, मैसूर और रामनगर जिले शामिल थे। मंड्या जिले की सभी सात सीटें जेडीएस के खाते में गईं। वहीं, हासन जिले की सात में छह सीटों पर जेडीएस के उम्मीदवार जीतने में सफल रहे। रामनगर जिले की चार में से तीन सीटें जेडीएस के खाते  में गईं। वहीं, मैसूर की 11 में पांच सीटों पर जेडीएस जीती। वहीं, तीन-तीन सीटें भाजपा और कांग्रेस के खाते में गईं।  

 

जिला

कुल सीट

भाजपा

कांग्रेस

जेडीएस

हासन

7

1

0

6

मंड्या

7

0

0

7

मैसूर

11

3

3

5

रामनगर

4

0

1




 

किन जिलों में किस पार्टी का नहीं खुला खाता?
2018 में सबसे ज्यादा 104 सीटें जीतने वाली भाजपा का पांच जिलों में खाता तक नहीं खुल पाया। इन जिलों में बेंगलुरु ग्रामीण, चिक्काबल्लापुर, कोलार, मंड्या और रामनगर शामिल थे। वहीं, 80 सीट जीतने वाली कांग्रेस चार जिलों से खाली हाथ रही। इन जिलों में हासन, कोदगु, मंड्या और उडुपी शामिल थे। 37 सीट जीतने वाली जेडीएस का 17 जिलों में खाता नहीं खुल पाया था। 

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