कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी
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वहीं भाजपा की सबसे बड़ी दिक्कत सिद्धारमैया के मुकाबले में वीएस येदियुरप्पा का करिश्मा कमजोर होना भी है। कई भाजपा समर्थक एसे भी लो हैं जो नरेंद्र मोदी को देश के लिए तो अच्छा मानते हैं,लेकिन कर्नाटक में येदियुरप्पा को पसंद नहीं करते।इसलिए भाजपा को वोट नहीं देने की बात करते हैं।
मंड्या जिले के किक्केरी गांव में चाय की दुकान चलाने वाले महादेव कहते हैं कि उन्हें नरेंद्र मोदी बेहद पसंद हैं, लेकिन येदियुरप्पा की वजह से वह भाजपा को वोट नहीं देंगे। जब लोकसभा चुनाव होगा तो मोदी को जिताने के लिए भाजपा को वोट देंगे। उनके पास खड़े हुए नागेंद्र, रघु भी सहमति में सिर हिलाते हैं।
मैसूर से शिवमोगा जाते हुए मंड्या जिले के केआरपेटे क्षेत्र के मुरुकनहर्ली गांव में किसानों के झुंड से मुलाकात होती है। खेत में काम करके पेड़ की छांव में सुसस्ताते हुए किसान वोक्कालिंगा समुदाय के हैं।
आम तौर पर वोक्कालिंगा को एचडी देवेगौड़ा के जद(एस) का समर्थक माना जाता है, लेकिन ये सारे किसान कर्ज माफी को लेकर सिद्धारमैया और राहुल गांधी की तारीफ करते हैं। कुछ और आगे चलने पर किक्केरी बडा गांव है जहां करीब 12 हजार मतदाता हैं जिनमें बहुसंख्यक वोक्कालिंगा हैं।
लेकिन चाय की दुकान पर बैठे किसान मल्लेगौडा कहते हैं कि इस बार वोक्कालिंगा कांग्रेस और जद(एस) के बीच आधे आधे बंटे हुए हैं। जबकि पिछली बार सबने जद(एस) को वोट दिया था।
कारण सिद्धारमैया सरकार द्वारा किसानों के 50 हजार रुपए तक के कर्ज को माफ करना है। उन्हें उम्मीद है कि दोबारा कांग्रेस सरकार बनने पर और कर्जे भी माफ हो सकते हैं। मल्लेगौड़ा कहते हैं कि वह खुद वोक्कालिंगा हैं जबकि सिद्धारमैया कुरबा हैं, लेकिन वह उन्हें ही वोट देंगे।
मुरुकनहर्ली के प्रकाश, धनंजय और योगेश वोक्कालिंगा किसान हैं। कहते हैं कि यूपीए सरकार में सोनिया और मनमोहन ने किसानों के कर्जे माफ किए थे। उम्मीद है कि राहुल भी पीएम बनकर किसानों को राहत देंगे।
यह कहने पर कि भाजपा ने अपने चुनाव घोषणापत्र में किसानों एक लाख रुपए के कर्ज माफ करने का वादा किया, धनंजय कहते हैं कि भाजपा वाले सिर्फ बातें करते हैं। वो अगर एक लाख माफ करेंगे तो कांग्रेस दो लाख माफ कर देगी।
चिकमंगलूर जिले के कडूर, बिरूर और तारिकेरे में सड़क किनारे बैठे मजदूर हों या श्रंगेरी विधानसभा क्षेत्र के मुत्तिनाकोप्पा गांव में मिले नदीम, इम्तियाज, पद्मनाभ और अनिल हों, सब सस्ते और मुफ्त चावल, निशुल्क इलाज, सस्ती दवाई, बच्चों को दूध और कर्ज माफी के लिए सिद्धारमैया सरकार की तारीफ करते मिलते हैं।