कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार को सरकारी कर्मचारियों और सैनिकों को उस महंगाई भत्ते के बकाये का एक जुलाई से पूरा भुगतान करना चाहिए , जिसे पिछले साल कोरोना संकट का हवाला देते हुए निलंबित किया गया था।पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जिन 1.15 करोड़ लोगों के महंगाई भत्ते रोके गए थे उनमें 41 लाख सैनिक व पूर्व सैनिक हैं। संवाददाताओं से बात करते हुए सिंघवी ने कहा, ‘‘ मोदी सरकार ने पिछले साल एक अजीबो-गरीब निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ते को एक जनवरी, 2020 से निलंबित किया। 115 लाख लोगों के पेट पर लात मारी। इसमें सैनिक, सेवनिवृत्त सैनिक और कर्मचारी शामिल हैं।’’
सेना के भत्ते में कटौती सही नहीं
सिंघवी के मुताबिक, ‘‘ सरकार की ओर से इसका कारण कोविड संकट बताया गया। उसके इस निर्णय की यह वजह आज तक समझ नहीं आई क्योंकि कोरोना काल में तो लोगों की ज्यादा मदद करनी चाहिए।’’उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया, ‘‘हमारी मांग है कि एक जुलाई से पूरा बकाया दिया जाए। उसमें कोई छल-कपट नहीं किया जाए। एक जुलाई से आगे का भी पूरा भत्ता दें। इसमें बहुत विलंब हो चुका है। अब देरी नहीं होनी चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ सेना के भत्ते में लगातार कटौती हो रही है, क्या यही राष्ट्रवाद है? यह सरकारी कर्मचारियों और सेना के लोगों पर एक तरह का हमला है, एक तरह की सर्जिकल स्ट्राइक है।’’
सरकार जल्द ही राशि देने की कर रही तैयारी
बता दें कि हाल ही में वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की रोकी गईं तीनों किस्तों को जल्द से जल्द फैसला लेकर बहाल किया जाएगा। सरकार ने बताया कि उन्हें 1 जुलाई 2021 से लागू होने वाली दरों पर किस्तों का भुगतान किया जाएगा