'मनरेगा बचाओ संग्राम' के दौरान कांग्रेस ने मणिपुर को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाले केंद्र ने मणिपुर को पिछले पांच साल में जिम्मेदारी से नहीं संभाला, जिससे राज्य की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।
मणिपुर और तनाव के बीच कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर जोरदार हमला किया है। पार्टी ने रविवार को कहा कि भाजपा नेतृत्व वाले केंद्र ने मणिपुर को पिछले पांच साल में लापरवाही से संभाला है, जिससे राज्य की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा। यह आरोप मणिपुर मामलों के कांग्रेस प्रभारी क्रिस्टोफर तिलक ने लगाया। तिलक मणिपुर में चल रहे जातीय हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पार्टी के ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
इस दौरान तिलक ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान तिलक ने कहा कि मणिपुर में जो हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। पिछले पांच वर्षों में केंद्र ने राज्य को जिम्मेदारी से नहीं संभाला। अर्थव्यवस्था बुरी स्थिति में है और अब सुरक्षा, खासकर सीमा सुरक्षा, भी चिंता का विषय है।
मणिपुर में हिंसा और संघर्ष
बता दें कि मणिपुर में मई 2023 से घाटी के मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों के कुकी समुदाय के बीच हुए झगड़ों में कम से कम 260 लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए। म्यांमार से लगे इस राज्य में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है, जब मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने इस्तीफा दिया था। बिरेन सिंह ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री पद संभाला था।
मणिपुर के प्रति केंद्र गंभीर नहीं- तिलक