समर्थन पर सर्वसम्मति न बनते देख बैठक में तय हुआ कि महाराष्ट्र के नेताओं और जीतकर आए विधायकों की राय भी जान लेनी चाहिए। इस पर एके.एंटनी ने कहा कि हमें अपना फैसला विधायकों पर थोपना नहीं चाहिए।
शाम को चार बजे एक बार फिर महाराष्ट्र के नेता सोनिया के आवास दस जनपथ पर जुटे। इसी बीच महाराष्ट्र से शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी मिलिंद नारवेकर भी दिल्ली पहुंचे और उन्होंने अहमद पटेल से उनके आवास पर मुलाकात की। उनके साथ शिवसेना नेता अरविंद सांवत भी मौजूद थे। दरअसल पहले संजय राउत को दिल्ली आकर कांग्रेस नेताओं से मिलना था लेकिन वे अचानक बीमार हो गए।
दस जनपथ में शाम की बैठक में महाराष्ट्र से जुड़े सुशील कुमार शिंदे, बाला साहेब थोराट, गुजरात के प्रभारी महाराष्ट्र के नेता राजीव साटव,राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडेय, पूर्व सीएम अशोक च्वाहण, हिमाचल की प्रभारी रजनी पाटिल, माणिकराव ठाकरे पृथ्वी राज च्वाहण बैठक में शामिल हुए। जबकि अहमद पटेल, एके.एंटनी, केसी.वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक भी पहुंचे।
करीब तीन घंटे के मंथन के दौरान सोनिया गांधी ने राजस्थान में मौजूद पार्टी के विधायकों से टेलीफोन पर बातचीत कर उनके विचार जाने। बताते हैं कि 44 विधायकों में करीब 37 ने पहले ही नेतृत्व को लिखकर दिया कि है हमें भाजपा को दूर रखने के लिए सरकार में शामिल होना चाहिए। सोनिया से बातचीत में भी विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से न सिर्फ वैकल्पिक सरकार को समर्थन की बल्कि उसमें शामिल होने की मंशा भी जताई है।