फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Congress: आंगनबाड़ी लाभार्थियों के फेस रिकॉग्निशन पर कांग्रेस हमलावर, कहा- समावेश का उपदेश, बहिष्कार का सपना

Mon, 23 Jun 2025 01:02 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन वितरण और बच्चों की उपस्थिति की निगरानी के लिए अनिवार्य चेहरा पहचान प्रणाली लागू करें। इस फैसले पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। 
विज्ञापन
जयराम रमेश - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आंगनबाड़ी लाभार्थियों के फेस रिकॉग्निशन (चेहरा पहचान प्रमाणीकरण) के फैसले पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा है। कांग्रेस ने कहा कि एक ओर सरकार समावेश का भाषण देती है तो दूसरी ओर बहिष्कार का सपना देख रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सामाजिक कल्याण के अधिकारों से वंचित करने के लिए तकनीक का उपयोग कर रही है। 
विज्ञापन




महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन वितरण और बच्चों की उपस्थिति की निगरानी के लिए अनिवार्य चेहरा पहचान प्रणाली लागू करें। इस पर कांग्रेस ने कहा कि डिजिटल इंडिया को सक्षम बनाना चाहिए, न कि शक्तिहीन बनाना चाहिए। 

ये भी पढ़ें: 'क्या शिमला समझौता अमेरिकी दबाव में हुआ था? भाजपा का इंदिरा गांधी पर हमला; कांग्रेस का पलटवार
विज्ञापन


कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट में आरोप लगाया कि सबसे पहले आधार को हथियार बनाकर करोड़ों श्रमिकों को मनरेगा से वंचित किया गया। एसिड अटैक सर्वाइवर्स को आधार में नामांकन के लिए अदालत में लड़ाई लड़नी पड़ी। देश भर में आदिवासी अभी भी तकनीकी गड़बड़ियों के कारण राशन खो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब गर्भवती महिलाओं को एक नई बाधा का सामना करना पड़ रहा है। एनएफएसए के तहत बुनियादी और कानूनी अधिकारों के लिए चेहरे की पहचान तकनीक लाई जा रही है। पूरी दुनिया में इस बात के प्रमाण सामने आए हैं कि एफआरटी वर्ग और त्वचा के रंग के आधार पर भेदभाव करता है।कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि जब आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस), राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (एनएमएमएस) एप जैसी अन्य तकनीकी या तो अपवाद साबित हुई हैं या विफल हो गई हैं। तब ऐसा किया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति ने अपनी 365वीं रिपोर्ट में कहा था कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में एबीपीएस की शुरूआत से पात्र लाभार्थियों की योजना का लाभ उठाने की क्षमता प्रभावित हुई है। लाभार्थियों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जो वित्त वर्ष 19-20 में 96 लाख महिलाओं से घटकर वित्त वर्ष 23-24 में 27 लाख रह गई।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: दिव्यांग की हत्या के आरोप में अरम्बई टेंगोल नेता गिरफ्तार; हथियार के साथ चार उग्रवादी भी पकड़े गए

जयराम रमेश ने कहा कि फिर भी मोदी सरकार एक और भेदभावपूर्ण तकनीक लेकर आई है। डिजिटल इंडिया को सक्षम बनाना चाहिए, न कि कमजोर करना चाहिए। यह केवल भाषण समावेश का, व्यवहार बहिष्कार का नहीं होना चाहिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें