सुरजेवाला ने कहा कि आईएल एंड एफएस की 282 अन्य कंपनियां हैं, इनमें लगाई गए पूंजी भारत सरकार और देश के लोगों की है। सवाल उठता है कि अगर कोई निजी कंपनी डूब रही है तो 15 करोड़ एलआईसी पॉलिसीधारकों और एसबीआई के खाताधारकों का पैसा ऐसी कंपनी को क्यों दिया जा रहा है। क्या यह एक घोटाला नहीं है?