कांग्रेस ने चुनाव आयोग से तत्काल प्रभाव से हस्तक्षेप कर मोदी सरकार के इशारे पर हो रही ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही आरोप लगाया कि ईडी भाजपा के चुनाव विभाग की तरह काम कर रहा है। चुनावी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ईडी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार देर शाम को आयोग से मुलाकात की।
आयोग के साथ बैठक के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भाजपा को हार से बचाने के लिए ईडी कार्रवाई कर रही है लेकिन भाजपा ईडी का सहारा लेकर भी राज्य में अपनी जीत सुनिश्चित नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण के चुनाव से पहले आयोग से मिलने का समय मांगा था लेकिन समय नहीं मिला। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को शिकायत भी दी है।
ये है शिकायत
इसमें कहा गया है कि 18 महीने पहले छत्तीसगढ़ पुलिस ने महादेव एप मामले की जांच शुरू की थी। करीब 500 गिरफ्तारियां हुई, सैकड़ों मोबाइल फोन, लैपटॉप और अकाउंट बरामद किए गए। छह महीने पहले मुख्यमंत्री ने आरोपियों की गिरफ्तारी और एप को बैन करने की भी मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने तब कुछ नहीं किया। अब चुनावी समय में ईडी राजनीतिक दबाव में राज्य में नई-नई चीजें सामने ला रहे हैं।
चुनाव के समय ईडी लगा रही आरोप: कांग्रेस
कांग्रेस ने सवाल किया कि केंद्र ने पहले महादेव एप पर पाबंदी क्यों नहीं लगाई। उन्हें प्रदेश सरकार की पूर्व अनुमति क्यों चाहिए थी? ईडी कहती है कि गैरकानूनी काम हो रहा है, छत्तीसगढ़ चुनाव के लिए बाहर से पैसा आ रहा है। ईडी ने चुनाव से पहले जांच शुरू नहीं की और चुनाव के समय आरोप लगाया ताकि चुनाव में कांग्रेस का नुकसान हो। ईडी ने जिन लोगों के नाम लिए हैं, चार्जशीट में उनकी भूमिका साफ नहीं कर पाई है। मुख्यमंत्री के कई अफसरों पर आरोप लगाया है लेकिन चार्जशीट में उनका संबंध महादेव एप से नहीं बताया है।