फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

Reservation: राज्य सरकार किस तरह तय करेगी आरक्षण, विपक्षी दलों ने बनाई यह आगे की योजना

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 21 Aug 2024 08:55 PM IST

सार

राज्य सरकारें आरक्षण किस तरह तय करेंगी? इस सवाल पर विपक्षी दल आगे की योजना बना चुके हैं। विरोध करने वाले संगठन संवैधानिक सुरक्षा का हवाला देकर आंदोलन कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि किसी भी आरक्षित वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस मुखर - फोटो : अमर उजाला


देश के अलग-अलग राज्यों में बुधवार को आंदोलन किया गया। इस दौरान ज्यादातर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक कहते हैं कि उनकी पार्टी किसी भी कीमत पर दलित और आदिवासियों समेत किसी भी आरक्षित वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने देगी। उनका कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कुछ नहीं कहते हैं। लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि राज्य सरकार उसको किस तरह से लागू करती है। दीपक कहते हैं अगर राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर गलत तरीके से दलित और आदिवासियों के आरक्षण में हस्तक्षेप करती है, तो उनकी पार्टी इसका खुलकर विरोध भी करेगी और सड़कों पर भी उतरेगी। बुधवार को हुए आंदोलन में देश के अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शिरकत की और आंदोलन करने वाले संगठनों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया।


कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत कहते हैं कि इस पूरे आंदोलन को उनकी पार्टी का नैतिक समर्थन दिया गया था। कई राज्यों में उनके पार्टी के बड़े नेताओं ने इस आंदोलन में आगे रहकर प्रदर्शन किया है। राजपूत कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी शुरुआत से ही दलितों पिछड़ों और आदिवासियों के आरक्षण को समाप्त करना चाहती है। यही वजह है कि जब बुधवार को पूरे देश में आंदोलन के लिए दलित और आदिवासी सड़कों पर उतरे थे, तो भाजपा तमाशा देख रही थी। कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर राज्यों ने आरक्षण में छेड़खानी की, तो देश में बहुत बड़े आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरुआत से पिछड़ों दलितों और आदिवासियों के मिले आरक्षण के हक की लड़ाई  लड़ती आई है। इसलिए वह हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।


बुधवार को हुए आंदोलन में झारखंड में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान अमर उजाला डॉट कॉम से बात करते हुए पार्टी प्रवक्ता सोनाल ने कहा कि जब पूरा देश आदिवासियों और दलितों को मिल रहे हक की लड़ाई के लिए सड़क पर उतरा है, तो भारतीय जनता पार्टी खुद को अलग कर रही है। सोनाल कहते हैं कि इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय जनता पार्टी दलितों पिछड़ों और आदिवासियों के हक पर डाका डालना चाहती है। कांग्रेस के पार्टी प्रवक्ता ने मांग की है कि देश में जिस तरीके से बंद को सफलता मिली है, उस पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बताना चाहिए कि लोग क्या सोच रहे हैं। अगर यह आंदोलन सफल हुआ है तो इसके पीछे बड़ी वजह यही है कि भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर देश के सभी प्रमुख राजनीतिक दल समेत सभी लोग पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के साथ खड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next