वहीं, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि बड़े पूंजीपतियों का कर्ज बट्टे खाते में डालने से कोरोना वायरस महामारी के समय नरेंद्र मोदी सरकार की ‘जनधन गबन’ योजना का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से आरोप लगाया, ‘बैंक लुटेरों की ‘पैसा लूटो-विदेश जाओ-लोन माफ कराओ’ ट्रैवल एजेंसी का पर्दाफाश हो गया है। ‘भगोड़ों का साथ-भगोड़ों का लोन माफ’ भाजपा सरकार का मूलमंत्र बन गया है।’
उन्होंने कहा, ‘16 मार्च, 2020 को संसद में राहुल गांधी ने देश के सबसे बड़े 50 बैंक घोटालेबाजों के नाम मोदी सरकार से पूछे। वित्त मंत्री और सरकार ने षड्यंत्रकारी चुप्पी साधकर ये नाम जगजाहिर नहीं किए।’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘पूरा देश कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहा है। रोजी रोटी की मार के चलते देश के करोड़ों मजदूरों को शहरों से गांव लौटना पड़ा है। सीएमआईई के मुताबिक, 14 करोड़ से अधिक लोग रोजगार से हाथ धो बैठे हैं।’
सुरजेवाला ने कहा, ‘1.13 करोड़ फौजी जवानों, सैन्य पेंशनभोगियों व सरकारी कर्मचारियों का 37,530 करोड़ रुपये का महंगाई भत्ता मोदी सरकार ने काट लिया है। लघु उद्योग, दुकानदारी और व्यवसाय ठप्प हो गए हैं। पर शर्म की बात है कि इसके बावजूद मोदी सरकार द्वारा बैंक चूककर्ताओं को 68,607 करोड़ रुपये की माफी दी जा रही है। इससे मोदी सरकार की ‘जन-धन-गबन’ योजना का पर्दाफाश हुआ है।’
उन्होंने यह दावा भी किया कि मोदी सरकार ने 2014-15 से 2019-20 के दौरान बैंक घोटालेबाजों का 6,66,000 करोड़ रुपये छोड़ दिया। उनके मुताबिक, इसमें भी, 2014-15 से सितंबर, 2019 तक 100 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लेने वाले बैंक घोटालेबाजों का 5,10,014 करोड़ रुपये का कर्ज बट्टे खाते में डाल दिया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले पर प्रधानमंत्री मोदी मौन नहीं रह सकते और उन्हें देश को जवाब देना चाहिए।