पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा का चुनाव प्रबंधन संभालने वाले प्रशांत किशोर मध्य प्रदेश चुनाव में कांग्रेस को सेवा दे सकते हैं। पार्टी पंजाब और उत्तर प्रदेश के चुनावों में इनकी मदद ले चुकी है। बिहार चुनाव में नीतीश को चमकाने के बाद मशहूर हुए चुनाव विश्लेषक और रणनीतिकार प्रशांत के रिश्ते यूपी चुनाव की विफलता के बाद कांग्रेस से नरम हो गए थे। लेकिन मध्य प्रदेश में आंतरिक कलह और सर्वमान्य नेता के अभाव में लगातार कमजोर होते संगठन की मार से जूझ रही कांग्रेस एक बार फिर किशोर को आजमाना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के शीर्ष नेता और किशोर लगातार संपर्क में हैं। प्रदेश में पार्टी के इंचार्ज दीपक बावरिया का कहना है कि हम योजनाबद्ध तरीके से चुनाव लड़ेंगे। हमारे पास बेरोजगारी, किसानों की समस्या और महिलाओं की सुरक्षा जैसे अहम मसले हैं। इस बार चुनाव को नए लेकिन परंपरागत अंदाज में लड़ने की तैयारी है।
इसके लिए घर-घर जाकर प्रचार करने के साथ हम इलाका वार सीटों के समीकरण के हिसाब से रणनीति तय करेंगे। जहां तक खींचतान का सवाल है तो चुनाव आते-आते कांग्रेस एक प्लेटफार्म पर नजर आएगी। प्रशांत किशोर की सेवाओं पर बावरिया ने हालांकि खुलकर कुछ नहीं कहा।