कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 16 नवंबर को पार्टी के महत्वपूर्ण पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ दो बार स्थगित हुए आंदोलन की नई तारीखें तय कर सकती है। दरअसल पार्टी 5 से 15 तक सरकार को आर्थिक मोर्चे पर घेरने और आरईसीपी पर संभावित हस्ताक्षर को लेकर आंदोलन छेडना चाहती थी।
चूंकि प्रधानमंत्री ने आरईसीपी संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए इसलिए कांग्रेस को आंदोलन स्थगित करना पड़ा। वहीं अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के कारण भी आंदोलन टाल दिया गया। इससे पूर्व हरियाणा-महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के चलते पार्टी ने आंदोलन स्थगित किया था।
पार्टी संगठन और सदस्यता अभियान को लेकर होने वाली इस बैठक में सभी महासचिव, राज्यों के प्रभारी, सचिव और फ्रंटल आर्गेनाइजेशन के अध्यक्षों को बुलाया गया है। कांग्रेस सदस्यता अभियान की प्रगति को लेकर समीक्षा कर सकती है। कांग्रेस नए सिरे से सरकार को आर्थिक मोर्चे और मंदी पर घेरने की रणनीति तय करेगी।