कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' तीन दिन के विराम के बाद एक बार फिर से शुरू हो गई। 50वें दिन की यात्रा तेलंगाना के नारायणपेट जिले के मकतल से शुरू हुई। गुरुवार को इस पदयात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी फिर से शामिल हुए।
कश्मीरी पंडितों के मुद्दें पर केंद्र पर साधा निशाना
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कश्मीरी पंडितों के कथित पलायन को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता का आनंद ले रहे हैं, जबकि अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य अपने ही देश में शरणार्थी बने हुए हैं। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा ने यूपीए के किए अच्छा कामों को बर्बाद कर दिया है।
अपने ही देश में शरणार्थी बन गए कश्मीरी पंडित : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने एक ट्वीट में कहा, इस साल कश्मीर में तीस लक्षित हत्याएं हुई हैं। पंडितों का पलायन तेजी से बढ़ रहा है। भाजपा ने यूपीए के किए अच्छे कामों को बर्बाद कर दिया है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले बड़ी-बड़ी बातें करने वाले प्रधानमंत्री सत्ता का आनंद ले रहे हैं और कश्मीर पंडित अपने ही देश में शरणार्थी बने हुए हैं।
भाजपा-कांग्रेस ने एक दूसरे से माफी की मांग की
इससे एक दिन पहले कांग्रेस ने मांग की थी कि मोदी सरकार अपने आठ साल के शासन के दौरान कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा पर एक श्वेत पत्र जारी करे और उनकी लक्षित हत्याओं के लिए माफी मांगे। वहीं, भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय से संबंधित पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की गलतियों को ठीक किया है और अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया है। भाजपा ने भी कांग्रेस से माफी की मांग की।
बता दें, दीपावली और मल्लिकार्जुन खरगे की ताजपोशी को लेकर 'भारत जोड़ो यात्रा' को तीन दिन का विराम दिया गया था। यात्रा का नेतृत्व कर रहे राहुल गांधी इस दौरान दिल्ली पहुंचे थे। वह मल्लिाकर्जुन खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
भाजपा जैसी ही राजनीति करती हैं टीआरएस-एआईएमआईएम : रमेश
इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि तेलंगाना की सत्तारूढ़ टीआरएस और एआईएमआएम वहीं राजनीतिक करती है, जो भाजपा करती है। रमेश भारत जोड़ो यात्रा के दौरान संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा, इस यात्रा का मुख्य फोकस भाजपा और आरएएस की विभाजनकारी राजनीति है, लेकिन तेलंगाना में टीआरएस का सामना करने की चुनौती भी है। रमेश ने कहा, तेलंगाना में हमारे सामने एक और चुनौती है जिसका हमें सामना करना है। हमें भाजपा के समकक्ष टीआरएस से सामना करना है।
उन्होंने आगे दावा किया कि टीआरएस और एआईएमआईएम भी भाजपा और आरएसएस की जैसी ही राजनीति करती है। रमेश ने कहा, वास्तव में एआईएमआईएम और टीआरएस दोनों ही भाजपा को ऑक्सीजन देते हैं और भाजपा बदले में उन दोनों को बूस्टर डोज देती है।
उन्होंने कहा, तेलंगाना में हमारा उद्देश्य न सिर्फ भाजपा और आरएसएस की विभाजनकारी राजनीति पर ध्यान केंद्र करना है, बल्कि टीआरएस और एआईएमआईएम के राजनीतिक ध्रुवीकरण की प्रकृति पर ध्यान केंद्रित करना है। उन्होंने आगे कहा, कुछ लोग सोचते हैं कि कांग्रेस के बिना विपक्षी एकता संभव है, जबकि ऐसा नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कांग्रेस पार्टी के बिना भाजपा का कोई विकल्प संभव नहीं है। इसलिए लोग अपने सपने देखने के लिए स्वतंत्र हैं। वे बिना कांग्रेस को शामिल किए विपक्ष का सपना देख सकते हैं। लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है।