यस बैंक के सह संस्थापक राणा कपूर के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिए गए बयान कि उन्हें कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की ओर से एमएफ हुसैन की पेटिंग खरीदने के लिए मजबूर किया गया था, पर कांग्रेस ने भाजपा और ईडी पर निशाना साधा है। कांग्रेस पार्टी ने रविवार को राणा कपूर के इस आरोप को ‘राजनीतिक बदला’ करार दिया। इसके साथ ही कांग्रेस ने राणा कपूर और ईडी की विश्वसनीयता पर सवाल भी उठाए।
राणा कपूर ने ईडी को बताया है कि पेंटिंग की बिक्री से मिली राशि का इस्तेमाल गांधी परिवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के न्यूयॉर्क में हुए इलाज में किया था। ईडी की ओर से मुंबई की एक विशेष अदालत में दाखिल किए गए आरोपपत्र में इसका उल्लेख है। आरोपपत्र के अनुसार कपूर ने ईडी को बताया, मुझे तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवरा ने कहा था कि पेंटिंग खरीदने से इनकार करने पर न केवल गांधी परिवार से मेरे संबंध खराब होंगे, बल्कि मुझे ‘पद्म भूषण’ अवार्ड दिए जाने पर भी रोक लगाई जा सकती है।
हैरान करने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण: सिंघवी
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने रविवार को इन आरोपों का खंडन किया। सिंघवी ने कहा, यह हैरान करने वाला है। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि 2020 का एक लेन-देन, एक व्यक्ति जो कई वर्षों से जेल में है, जिसके 20-30 जमानत के आवेदन खारिज हो चुके हैं, जिसे ठग और धोखेबाज कहा जाता है, वह दिवंगत लोगों पर आरोप लगा रहा है और सरकार केवल इसलिए खुश हो रही है क्योंकि यह उसकी राजनीति के अनुसार है।
सिंघवी ने कहा, 2010 के एक लेनदेन के लिए यह विवाद खड़ा किया जा रहा है। न तो मुरली देवरा और न अहमद पटेल इन आरोपों से इनकार करने के लिए इस दुनिया में हैं। सिंघवी ने कहा कि ईडी और कपूर की विश्वसनीयता के बारे में सब जानते हैं। राणा कपूर को मार्च 2020 में गिरफ्तार किया गया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं, भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार वसूली करने वाले हैं और पद्म सम्मान बेचते थे।