कांग्रेस द्वारा अदाणी समूह के कथित चीन से लिंक और मॉरिस चांग को चीनी नागरिक बताए जाने वाला मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। अब एकबार फिर कांग्रेस ने इस मामले को उठाया है। उन्होंने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी से जांच कराना जरूरी है।
गौरतलब है, कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मॉरिस चांग एक चीनी नागरिक हैं। इसके साथ ही पार्टी ने यह दावा किया था कि इस व्यक्ति की कंपनी के अदाणी समूह के कार्यों में जुड़े होने से देश की सुरक्षा को खतरा है। अदाणी समूह के साथ रिश्तों को लेकर चर्चा में आए मॉरिस चांग ने कहा था कि मैं चीनी नहीं ताइवानी नागरिक हूं।
चांग पीएमसी प्रोजेक्ट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। उनकी कंपनी अदाणी समूह के लिए बंदरगाहों, टर्मिनलों, रेल लाइनों, पावर लाइनों और अन्य बुनियादी ढांचों का निर्माण कर रही है।
चीनी होने के दावे पर क्या कहा?
मॉरिस चांग ने चीनी होने के दावे को खारिज करते हुए कहा थी कि वह ताइवान के नागरिक हैं। उनका पासपोर्ट दिखाता है कि वह रिपब्लिक ऑफ चाइना (आरओसी) के नागरिक हैं, जिसे आधिकारिक तौर पर ताइवान नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि यह चीन से अलग है। हालांकि, पीएमसी के अदाणी समूह के साथ परियोजनाओं पर काम करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया।
अदाणी समूह पर टिप्पणी से किया इनकार
पीएमसी पर अदाणी समूह की फर्मों के लिए आयातित उपकरणों का अधिक चालान करने का भी आरोप है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह ताइवान में एक अच्छी तरह से स्थापित उद्योगपति हैं और वैश्विक व्यापार, शिपिंग, इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, शिप-ब्रेकिंग आदि में व्यावसायिक हित हैं। जहां तक अदाणी समूह का संबंध है, मामला न्यायाधीन है और वह इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे।
राष्ट्रीयता पर सवाल को बताया दुर्भाग्यपूर्ण