सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की अंधाधुंध निजीकरण और बिक्री करने की योजना अब भारतीय अर्थव्यवस्था और भारतीयों के लिए बहुत बड़ा जोखिम बन गई है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पूरी तरह से निजी हाथों में बेचने की इच्छुक है।
कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पूरी करह से बेचना चाहती है। इसके चलते भाजपा को 'बेचे जाओ पार्टी' कहना उचित रहेगा। इस दौरान पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह भी दावा किया कि भाजपा की योजना सार्वजनिक उपक्रमों के भूखंडों को अपने चुनिंदा क्रोनी कैपिटलिस्ट दोस्तों को सौंपने की है।
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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बेचने की फिराक में मोदी सरकार
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आगे कहा कि सरकार सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पूरी तरह से निजी हाथों में बेचने की इच्छुक है, जिसका अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम होगा। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की अंधाधुंध निजीकरण और बिक्री करने की योजना अब भारतीय अर्थव्यवस्था और भारतीयों के लिए बहुत बड़ा जोखिम बन गई है। मोदी सरकार अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का भी निजीकरण करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बिना सोची समझी इस रणनीति के नतीजे बेहद खतरनाक होंगे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का विरोध करेगी।
इस दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, पवन हंस और सेंट्रल इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड सहित चार सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को रोकने में मदद की है।
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उन्होंने कहा, '1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने के इंदिरा गांधी के साहसिक निर्णय ने न केवल कुछ निजी ऋणदाताओं के एकाधिकार को तोड़ा बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि बैंकिंग सेवाएं देश के अंतिम छोर तक पहुंचें। सुप्रिया ने आरोप लगाया कि अब सरकार ने यह फैसला किया है कि वह सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों में अपनी हिस्सेदारी संपूर्ण रूप से बेच देगी।
दो तरफा बात करती है भाजपा
सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार पर आगे आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने 41 आयुध कारखानों को बेच दिया है, इसने डीआरडीओ को भी कमजोर किया हा। यहां तक कि भारत इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के अलावा भारत अर्थ मूवर्स जैसे बड़े और रणनीतिक रक्षा पीएसयू को भी सरकार बेचने की फिराक में है। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर दो-तरफा बात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार एक तरफ रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में 'अग्निवरों' को नौकरी देने की बात कर रही थी और दूसरी तरफ उनका निजीकरण कर रही थी।