उन्होंने कहा, आईटी पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रतापराव जाधव को लिखे पत्र में समिति के सदस्य कार्ति चिदंबरम ने उनसे उन सभी लोगों को बैठक में बुलाने का आग्रह किया है, जिन्हें एप्पल से चेतावनी संदेश मिला है। इसके अलावा एप्पल के प्रतिनिधियों को भी बैठक में बुलाने का अनुरोध किया गया है।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने दिया जांच का आश्वासन
कई विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को दावा कि उन्हें एप्पल से एक अलर्ट मिला है, जिसमें उन्हें चेतावनी दी गई कि राज्य प्रायोजित हमलावर उनके आईफोन को दूर से हैक करने की कोशिश कर रहे हैं और कथित तौर पर सरकार की ओर से हैकिंग की जा रही है। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन आरोपों को खारिज किया है और पूरी जांच का आश्वासन दिया है।
इन नेताओं को मिला एप्पल का वॉर्निंग नोटिफिकेशन
जिन लोगों को कथित तौर पर यह चेतावनी संदेश मिला है, उनमें कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के नेता शशि थरूर, पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल, सुप्रिया श्रीनेत, टीएस सिंह देव, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल हैं।शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्ढा, एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के कुछ सहयोगियों को भी कथित तौर पर यह नोटिफिकेशन मिला है।
विपक्षी नेताओं के आरोप पर एप्पल ने दी यह प्रतिक्रिया
येचुरी और चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है, जबकि मोइत्रा ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चिंता जताई है और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, आईफोन निर्माता कंपनी एप्पल इंक ने विपक्षी नेताओं के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह संभव है कि खतरे की कुछ झूठी चेतावनियां हों और कुछ हमलों का पता न चले। कंपनी ने हालांकि यह बताने से इनकार कर दिया कि विपक्षी नेताओं को किस वजह से यह चेतावनियां मिलीं।