पश्चिम एशिया में लंबे समय से तनाव का माहौल है। अब इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे बड़े पैमाने पर युद्ध की आशंका को हवा दे दी है। इस तनाव के बीच हालात को सामान्य करने की कोशिश भी जारी है और इसी कोशिश के तहत विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात और आर्मेनिया के विदेश मंत्रियों से टेलीफोन पर बात की।
कूटनीति के जरिए संघर्ष समाप्त करने की कोशिश
भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'संयुक्त अरब अमीरात के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और इसमें कूटनीति की भूमिका पर चर्चा की। साथ ही इस मुद्दे पर संपर्क में रहने पर भी सहमति बनी।' एक अन्य पोस्ट में डॉ. जयशंकर ने बताया कि उन्होंने आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारात मिर्जोयान से भी बात की। दोनों के बीच क्षेत्र के हालात और सहयोग के विषय में चर्चा हुई।
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भारत ने दोनों देशों के संघर्ष पर जताई चिंता
इस्राइल ने बीते शुक्रवार को ईरान के परमाणु हथियारों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए थे, जिसमें ईरान के कई परमाणु वैज्ञानिक और शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए थे। इसके बाद ईरान ने भी इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोला। दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष पर भारत ने चिंता जताई और कहा कि वह हालात पर करीब से नजर रखे हुए है। भारत नों दोनों देशों से शांति की अपील की। शुक्रवार को डॉ.जयशंकर ने इस्राइल और ईरान के विदेश मंत्रियों से भी बात की थी। जयशंकर ने बताया कि इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने उन्हें फोन किया था। इसके बाद डॉ. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरगची के बीच भी बात हुई।