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देश में एक्सई वैरिएंट की पुष्टि : पहले महाराष्ट्र व गुजरात में मिले थे दो अपुष्ट मामले, विशेषज्ञ बोले-चिंता की बात नहीं

Tue, 03 May 2022 09:53 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जीनोम सीक्वेंसिंग करने वाली लैबोरेटरियों के कंसोर्टियम इंसाकॉग ने ओमिक्रॉन के नए सब वैरिएंट एक्सई का एक केस मिलने की पुष्टि की है। 
 
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ओमिक्राॅन एक्सई - फोटो : Istock
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विस्तार
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देश में कोरोना के नए वैरिएंट 'एक्सई'  (XE variant) का पहला मामला मिलने की पुष्टि हो गई है। हालांकि इससे पहले महाराष्ट्र व गुजरात में मिले इसके दो मामलों की पुष्टि नहीं हो सकी थी। 

जीनोम सीक्वेंसिंग करने वाली लैबोरेटरियों के कंसोर्टियम इंसाकॉग (INSACOG) ने ओमिक्रॉन के नए सब वैरिएंट एक्सई का एक केस मिलने की पुष्टि की है। देश में एक्सई का पहला केस किस राज्य के किस शहर में मिला है, यह अभी पता नहीं चला है। हालांकि इससे पहले मिले दो मामलों में इस नए सब वैरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है। 

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विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सई वैरिएंट या सब स्ट्रेन को लेकर भयभीत होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह पूर्व में मिले ओमिक्रॉन के अन्य रूपों जैसा ही है। एक्सई, वर्तमान में देश में सक्रिय ओमिक्रॉन के बीए.2 वैरिएंट से सिर्फ 10 फीसदी ज्यादा संक्रमणकारी है।  बीए.2 वैरिएंट के कारण ही जनवरी में देश में तीसरी कोरोना लहर आई थी। 
इंसाकॉग के सूत्रों के अनुसार देश में मिश्रित रूपों (recombinant variants) वाले इन ओमिक्रॉन स्वरूपों के कुछेक केस ही मिले हैं और ये भी अलग-अलग क्षेत्रों में मिले हैं। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। 

एक्सई के पहले मामले की पुष्टि उस वक्त हुई है, जब देश के 12 राज्यों में कोरोना के मामले फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। इस कारण कई राज्यों में मास्क फिर अनिवार्य करना पड़ा है और अन्य प्रतिबंधात्मक कदम भी उठाए गए हैं। इंसाकॉग के नवीनतम बुलेटिन में कहा गया है कि भारत में अब तक ओमिक्रॉन का बीए.2 ही मुख्य रूप से सक्रिय है। 
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दरअसल, एक्सई वैरिएंट भी रिकॉम्बिनेंट वैरिएंट है। यानी यह ओमिक्रॉन के बीए.1 और बीए.2 का मिश्रित रूप है। इसका पहला केस इस साल जनवरी में ब्रिटेन में मिला था। कोरोना वायरस नए नए रूप धारण करता रहता है। इसके अधिकांश स्वरूपों में ही संक्रमण फैलाने या महामारी में इजाफा करने की क्षमता होती है। 
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