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Calcutta High Court: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राहत, कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई शुरू करने से किया इनकार

Tue, 26 Jul 2022 09:45 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

प्रार्थना को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा कि अदालत इसके बाहर कुछ भी होने से परेशान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह मामले के गुण-दोष से चिंतित हैं और इसके अलावा कुछ नहीं। वह पारदर्शिता और तटस्थता में विश्वास करते हैं।
 
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ममता बनर्जी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को बड़ी राहत दी है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी के खिलाफ खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने से किया इनकार कर दिया है। दरअसल, गिरफ्तार मंत्री पार्थ चटर्जी को भुवनेश्वर के एम्स भेजने पर कथित रूप से टिप्पणी करने को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग एक वकील ने की थी। इस मामले में अदालत ने वकील की मौखिक प्रार्थना पर विचार करने से मंगलवार को इनकार कर दिया।

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अदालत ने की टिप्पणी
मामले में अपना फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने कहा कि 'अदालत की रीढ़ नरम नहीं है और यह बाहर की गई किसी भी टिप्पणी से प्रभावित नहीं होगी।' दरअसल, उच्च न्यायालय ने पार्थ चटर्जी के बीमार होने का दावा करने के बाद चटर्जी को सरकारी एसएसकेएम अस्पताल भेजने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाले ईडी द्वारा दायर एक पुनरीक्षण आवेदन पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। न्यायाधीश ने कोलकाता के अस्पताल पर कुछ तीखी टिप्पणी भी की थी।

शनिवार को गिरफ्तार हुए थे पार्थ चटर्जी
ईडी ने चटर्जी को स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा भर्ती अभियान में अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में शनिवार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अदालत ने रविवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को चटर्जी को चिकित्सा जांच के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एम्स में ले जाने का निर्देश दिया था। 
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सोमवार को एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर पार्थ चटर्जी को एम्स, भुवनेश्वर भेजे जाने पर कुछ टिप्पणी की थी। इसे लेकर  वकील तरुण ज्योति तिवारी ने न्यायमूर्ति चौधरी के समक्ष मौखिक प्रार्थना की थी कि वे इसका स्वत: संज्ञान लेते हुए ममता बनर्जी के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करें। जिसे मंगलवार को अदालत ने खारिज कर दिया। प्रार्थना को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा कि अदालत इसके बाहर कुछ भी होने से परेशान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह एक मामले के गुण-दोष से चिंतित हैं और इसके अलावा कुछ नहीं। वह पारदर्शिता और तटस्थता में विश्वास करते हैं।

गौरतलब है कि अदालत के आदेश के अनुसार  पार्थ चटर्जी को सोमवार सुबह एयर एंबुलेंस से एम्स भुवनेश्वर ले जाया गया था। इसके बाद उन्हें मंगलवार सुबह कोलकाता वापस ले जाया गया।

कांग्रेस नेता ने लिखा ममता बनर्जी को पत्र
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल में बेरहामपुर नगर पालिका द्वारा अवैध निर्माण के संबंध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बताया है कि मामला कोर्ट के संज्ञान में है। जब तक अदालत का फैसला नहीं आता है तब तक वे अवैध निर्माण को रुकवाएं। 

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