भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंगलवार को शीर्ष कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट के पांच न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए जाने की सिफारिश करने वाले पांच न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति पंकज मिथल (राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश), न्यायमूर्ति संजय करोल (पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश), न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार (मणिपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश), अहसानुद्दीन अमानुल्लाह (पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश) और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा (इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश) न्यायमूर्ति शामिल हैं।
इससे पहले प्रधान न्यायाधीश की अगुवाई में छह सदस्यीय कॉलेजियम ने शीर्ष अदालत में रिक्तियों को भरने पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को पहली बार बैठक की। सोमवार को न्यायमूर्ति दत्ता के शपथ ग्रहण के साथ ही शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की कुल संख्या 28 हो गई है, जहां अब छह रिक्तियां हैं।
शीर्ष अदालत में प्रधान न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों के 34 स्वीकृत पद हैं तथा चार जनवरी को न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर की सेवानिवृत्ति के साथ यह संख्या घटकर फिर से 27 हो जाएगी। वर्तमान में 28 न्यायाधीशों में से नौ न्यायाधीश 2023 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। कॉलेजियम में आमतौर पर प्रधान न्यायाधीश और चार वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं, लेकिन इसमें बदलाव आया है। अब इसमें न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को जगह मिलने के साथ छह सदस्य हैं।
इन तीन जजों को हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश
सुप्रीम कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट जजों को चीफ जस्टिस बनाने की भी सिफारिश की है। इसमें उत्तराखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार मिश्रा को झारखंड हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस, गौहाटी हाईकोर्ट के जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस और केरल हाईकोर्ट के जस्टिस के विनोद चंद्रन को गौहाटी हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाकर भेजने की सिफारिश शामिल है।