पुलिस के पास कोई तब जाता है, जब वो किसी बात को लेकर परेशान हो। वो पीड़ित हो। पर अगर पुलिस ही पीड़ित के उत्पीड़न में लग जाए तो इंसान कहां जाएगा इंसाफ मांगने? ऐसे ही मामले में एक दंपत्ति ने खुद के ऊपर किरोसिन डाल आग लगाकर जान देने की कोशिश की। दंपत्ति ने आरोप लगाया है कि एक पुलिस अधिकारी दूसरे रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के साथ मिलकर उसकी पत्नी का उत्पीड़न कर रहे थे, जबकि वो खुद पुलिस थाने में अपने साथ हुई नाइंसाफी के मामले में पुलिस की मदद मांगने गया था।
बीजू नाम के व्यक्ति और उसकी पत्नी का आरोप है कि वो पुलिस स्टेशन एक सूदखोर की शिकायत करने पहुंचे थे, जिससे उन्होंने अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए नकदी उधार पर ली थी। पर नकदी न चुका पाने के चलते वो उन्हें लगातार परेशान कर रहा था। यहां तक कि उसके पैरों में पिटाई की वजह से फ्रैक्चर हो गया। जब वो पुलिस थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उनकी एक न सुनी। उल्टे सूदखोर के पक्ष में एक रिटायर्ड एसीपी के साथ मिलकर पुलिस इंस्पेक्टर उन्हें ही धमकाने लगा।
बीजू ने आरोप लगाया कि पुलिस से जुड़े दोनों अधिकारी उसकी पत्नी के साथ बदतमीजी की भी कोशिश कर रहे थे। उसकी टूटी टांग के बावजूद सूदखोर पर कोई कार्रवाई न कर मामले को वापस लेने का दबाव भी दोनों डाल रहे थे। बीजू के आत्मदाह के प्रयास का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
इस मामले में कोयंबटूर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि बिना जांच के कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।