भारतीय कोस्ट गार्ड न सिर्फ भारत की तटीय सीमाओं की रक्षा और निगरानी करते हैं, बल्कि तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मदद करने और जरूरत पड़ने पर उनके लिए बचाव अभियान चलाने में भी आगे रहते हैं। ऐसा ही एक मामला लक्षद्वीप के अगत्ती से सामने आया, जहां कोस्ट गार्ड ने एक व्यक्ति नया जीवन दिया।
हमारे सशस्त्र बलों की क्षमता और काबिलियत पूरी दुनिया में शीर्ष के देशों में गिनी जाती है, लेकिन हमारे सशस्त्र को जो सबसे अलग बनाता है, वो है इनका मानवीय पक्ष। हमारे सशस्त्र बल जरूरत पड़ने पर आम लोगों की जिस तरह से मदद करते हैं, वह अपने आप में बेहद सराहनीय है। अब एक बार फिर हमारे सशस्त्र बल के जवानों ने अद्भुत मानवीय कौशल का परिचय देते हुए एक व्यक्ति को मौत के मुंह से बचा लिया।
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कोस्ट गार्ड ने कैसे बचाई मरीज की जान?
दरअसल भारत का लक्षद्वीप इलाका केरल के कोच्चि के नजदीक अरब सागर में स्थित है, लेकिन यह जमीन से कटा हुआ है और यहां पहुंचने के लिए नौकाओं या पानी के जहाज की मदद लेनी पड़ती है। सोमवार रात लक्षद्वीप के अगत्ती में रहने वाले एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आया। व्यक्ति की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए कोच्चि ले जाने की जरूरत पड़ी।
स्थानीय प्रशासन ने तुरंत भारतीय कोस्ट गार्ड से मदद मांगी।
कोस्ट गार्ड के अधिकारियों ने जैसे ही हालात के बारे में सुना तुरंत व्यक्ति की मदद का फैसला कर लिया। इसके तहत कोस्ट गार्ड का एक डोर्नियर एयरक्राफ्ट तुरंत अगत्ती रवाना किया गया।
मरीज की हालत सफर के दौरान न बिगड़े, इसके लिए कोस्ट गार्ड के इंजीनियर्स और मेडिकल टीम ने विमान को एक एंबुलेंस में बदल दिया और उसमें एमआईसीयू की सारी सुविधाएं लैस कर दीं।
इसके बाद जैसे ही विमान अगत्ती पहुंचा, तुरंत मरीज को विमान में सवार किया गया। कुछ ही मिनटों में विमान ने कोच्चि के लिए उड़ान भरी।
कोस्ट गार्ड ने रात के अंधेरे में अरब सागर के मौसम की चुनौतियों से निपटते हुए मरीज को कोच्चि के अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी जान बच गई।
कोस्ट गार्ड ने बयान जारी कर बताया कि यह मिशन इस महीने किया गया दूसरा मेडिकल इवैक्यूएशन (MEDEVAC) है, और पिछले साल से यह चौथा ऐसा रात का ऑपरेशन है। बयान में कहा गया है, 'भारतीय कोस्ट गार्ड ने एक बार फिर एक जरूरी रात के मेडिकल इवैक्यूएशन को सफलतापूर्वक करके अपनी उच्च स्तरीय ऑपरेशनल तैयारी का प्रदर्शन किया है।'