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कोयला घोटाला: सीबीआई ने पूर्व मंत्री दिलीप रे के लिए उम्र कैद की सजा मांगी, सुप्रीम कोर्ट 26 अक्तूब को सुनाएगी फैसला

Wed, 14 Oct 2020 03:40 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Dilip Ray - फोटो : Twitter/@DilipRayOdisha
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सीबीआई ने दिल्ली की विशेष अदालत से बुधवार को अनुरोध किया कि झारखंड में 1999 में कोयला खदान आवंटन में अनियमित्ताओं के लिए दोषी ठहराए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे को उम्र कैद की सजा दी जाए। 
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विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने सीबीआई और दोषियों की ओर से सजा के बारे में बहस सुनने के बाद कहा कि इस पर 26 अक्टूबर को आदेश सुनाया जाएगा। 



सीबीआई ने विशेष अदालत से अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे दिलीप रे के साथ ही कोयला मंत्रालय में उस समय वरिष्ठ अधिकारी प्रदीप कुमार बनर्जी और नित्य नंद गौतम तथा कैस्ट्रॉन टेक्नॉलॉजी लि. के निदेशक महेंद्र कुमार अग्रवाल को भी उम्र कैद की सजा देने का अनुरोध किया है। 

इसके अलावा, अभियोजन ने इस मामले मे दोषी ठहराई गई सीएलटी और कैस्ट्रॉन टेक्नॉलॉजी लि. पर अधिकतम जुर्माना लगाने का भी अनुरोध किया है। 

वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई बहस में जांच ब्यूरो की ओर से लोक अभियोजक वीके शर्मा और एपी सिंह ने अदालत से कहा कि इस समय सफेदपोश अपराध बढ़ रहा है और ऐसी स्थिति में समाज में संदेश देने के लिए दोषियों को अधिकतम सजा देने की जरूरत है।
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कोयला खदान आवंटन के अपराध के लिए दोषसिद्धि का यह पहला मामला है जिसमें अधिकतम सजा उम्र कैद है।

दिलीप रे को भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (लोकसेवक द्वारा विश्वाघात) सहित विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है।

दोषी व्यक्तियों ने अदालत से उनकी वृद्धावस्था और पहले कभी किसी मामले में दोषी नहीं ठहराए जाने जैसे तथ्य को ध्यान में रखते हुए नरमी बरतने का अनुरोध किया।

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस पर 26 अक्टूबर को आदेश सुनाया जाएगा। अदालत ने सभी दोषियों को उस दिन हाजिर रहने का निर्देश दिया है। 
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