नीति आयोग संचालन परिषद की तीसरी बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम को जमीन पर उतारने के लिए गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वालों की सूची का हर पांच साल में नए सिरे से आकलन कराने की मांग की है।
बैठक में उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत केंद्र की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि को 60 फीसदी से बढ़ा कर 75 फीसदी करने का सुझाव दिया। इस दौरान उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान के तहत राज्य का केंद्र पर बकाया 10000 करोड़ की राशि तत्काल जारी करने और एससी-एसटी स्कॉलरशिप के लिए 2000 करोड़ की केंद्रीय सहायता मांगी।
बैठक को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि बीपीएल सूची को लेकर बड़ा विवाद होता रहा है। इस विवाद को खत्म करने और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम को सही मायने में धरातल पर उतारने केलिए बीपीएल सूची की हर पांच साल बाद समीक्षा करने और जरूरत के मुताबिक बदलाव लाने की जरूरत है। इसके लिए बने कार्यदल को जरूरी निर्देश दिया जाना चाहिए।
इस दौरान योगी ने स्वच्छ भारत कार्यक्रम की जम कर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय बोझ से बचाने केलिए इस कार्यक्रम के तहत राशि के मद में केंद्र की हिस्सेदारी को 60 फीसदी से बढ़ा कर 75 फीसदी किया जाना चाहिए।