उत्तर प्रदेश में क्राइम को कम करने के लिए योगी सरकार अब मकोका की तर्ज पर यूपी कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम ऐक्ट (UPCOCA) ला रही है। इसका मुख्य मकसद यूपी से क्राइम को पूरी तरह खत्म करना होगा।
बता दें कि इस कानून के तहत अपराधियों को जल्दी जमानत नहीं मिलती है। UPCOCA को जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जा सकता है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। वहीं गृह विभाग ने भी इसका पूरा मसौदा तैयार कर लिया है।
इस कानून के चर्चा इससे पहले मायावती की सरकार के दौरान भी हो चुकी है। मायावती सरकार भी इस कानून को लाना चाहती थीं। इसके लिए मायावती की तत्कालीन सरकार ने पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन केंद्र सरकार ने इस कानून को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था।
क्या है मकोका
- महाराष्ट्र सरकार ने 1999 में मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) बनाया था। इसका मुख्य मकसद संगठित और अंडरवर्ल्ड अपराध को खत्म करना था।
- 2002 में दिल्ली सरकार ने भी इसे लागू कर दिया। फिलहाल महाराष्ट्र और दिल्ली में यह कानून लागू है।
- इसके तहत संगठित अपराध जैसे अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपराधी, जबरन वसूली, फिरौती के लिए अपहरण, हत्या या हत्या की कोशिश, धमकी, उगाही सहित ऐसा कोई भी गैरकानूनी काम जिससे बड़े पैमाने पर पैसे बनाए जाते हैं, मामले शामिल है।
- कानून विश्लेषकों का कहना है कि मकोका लगने के बाद आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिलती है।