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मायावती को दलित राजनीति से बाहर करने की तैयारी, BSP से बाहर किए गए नेताओं ने संभाला मोर्चा

Mon, 07 Aug 2017 11:26 AM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
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बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और राज्यसभा की पूर्व सांसद मायावती को यूपी की दलित राजनीति से बाहर करने की तैयारी शुरू हो चुकी हैं। अपने आपको दलितों का मसीहा कहने वाली मायावती द्वारा पार्टी से निष्काशित किए गए नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। 
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किसी जमाने में मायावती के सबसे खास लोगों में शुमार किए जाने वाले नसीमुद्दीन सिद्दकी ने रविवार को प्रदेश के 16 समूहों की बैठक ली, जिसमें से ज्यादातर दलित, मुस्लिम और ओबीसी नेता शामिल हुए। सिद्दकी ने राष्ट्रीय बहुजन गठबंधन के बैनर तले इस मीटिंग का आयोजन किया जिसका संयोजक बसपा के पूर्व सांसद प्रमोद कुरील को बनाया गया है। 

कुरील अभी भी बसपा में हैं लेकिन वो भी मायावती को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए बेताब हैं। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सिद्दकी समेत तमाम नेता भाजपा के साथ जा सकते हैं, लेकिन अभी इस पर संशय बरकरार है।
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दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक से देश और प्रदेश की दलित राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सिद्दकी की तरह मायावती के खास रहे स्वामीप्रसाद मौर्य पहले ही यूपी में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए जा चुके हैं।

कुरील ने कहा कि मायावती पूरी तरह से एक्सपोज हो चुकी हैं। पिछले कुछ सालों में कई नेता उनकी पार्टी को छोड़ गए हैं, लेकिन ऐसे नेता अभी संगठित नहीं है। सभी अपने आपको कांशीराम जी का फॉलोअर मानते हैं लेकिन अकेले काम करते हैं। हमारी कोशिश है कि ऐसे सभी लोगों को एक मंच पर लाया जाए, जिससे बहुजन समाज को नई दिशा मिल सके। 
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