सरकार की स्थिरता पर जोर
पार्टी के भीतर यह चिंता बढ़ रही है कि यदि विवाद लंबा खिंचता है, तो इससे सरकार की स्थिरता पर असर पड़ सकता है। सिद्धारमैया का कहना है कि उनकी प्राथमिकता प्रशासन को मजबूत रखना और जनता से किए वादों पर काम करना है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने कांग्रेस को स्थिर सरकार चलाने का जनादेश दिया है और वह इसे कमजोर नहीं होने देंगे।
शिवकुमार भी चाहते हैं समाधान
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी पहले कई बार संकेत दे चुके हैं कि वे नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता चाहते हैं। शिवकुमार ने हाल ही में मीडिया से कहा था कि वे चाहते हैं कि पार्टी अध्यक्ष खरगे और सोनिया गांधी दोनों नेताओं को बुलाकर स्थिति स्पष्ट करें, जिससे सरकार का कामकाज प्रभावित न हो। अब सिद्धारमैया के निमंत्रण के बाद संकेत मिल रहे हैं कि विवाद का समाधान निकट हो सकता है। आज शिवकुमार ने भी बयान दिया था कि वो जब भी दिल्ली बुलाया जाएगा, वो जाएंगे। कांग्रेस आलाकमान जो कहेगा, उसी का पालन करेंगे।
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