फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Asia Power Index: ऑपरेशन सिंदूर ने बढ़ाई भारत की सैन्य रैंकिंग, 'मेजर पावर' बना भारत, जापान-रूस को भी पछाड़ा

Fri, 28 Nov 2025 08:22 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Operation Sindoor Boost Military Rankings: लोवी इंस्टिट्यूट के एशिया पावर इंडेक्स में भारत तीसरे स्थान पर पहुंचकर ‘मेजर पावर’ बन गया है। भारत को यह रैंक सैन्य और आर्थिक क्षमताओं में सुधार, खासकर ऑपरेशन सिंदूर के प्रदर्शन के कारण मिली। भारत ने जापान और रूस को पीछे छोड़ा है।
विज्ञापन
एशिया पावर इंडेक्स में भारत बना मेजर पावर। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एशिया की ताकत का आकलन करने वाले लोवी इंस्टिट्यूट के ताजा एशिया पावर इंडेक्स में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है। रिपोर्ट के अनुसार भारत अब ‘मेजर पावर’ कैटेगरी में पहुंच चुका है और उसने तीसरा स्थान हासिल किया है। यह बढ़त भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता, आर्थिक मजबूती और हाल में हुए ऑपरेशन सिंदूर के प्रदर्शन की वजह से मिली है। भारत ने जापान और रूस को पीछे छोड़ दिया है, हालांकि चीन और अमेरिका से अभी भी बड़ा अंतर बना हुआ है।
विज्ञापन


लोवी इंस्टिट्यूट के मुताबिक भारत ने इस साल 40 अंक हासिल किए हैं, जबकि 2024 में इसे 38.1 अंक मिले थे। इस बार भारत ने एशिया में तीसरी सबसे प्रभावशाली शक्ति के रूप में जगह बनाई है। पहले स्थान पर अमेरिका और दूसरे पर चीन अपनी स्थिति बनाए हुए हैं। जापान 38.8 अंकों के साथ चौथे और रूस 32.1 अंक लेकर पांचवें स्थान पर रहा। भारत की यह उछाल उसकी आर्थिक वृद्धि, सैन्य मूल्यांकन और क्षेत्रीय प्रभाव में मजबूती का संकेत देती है।

ऑपरेशन सिंदूर ने बढ़ाई सैन्य साख
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि भारत की सैन्य क्षमता में सुधार देखा गया है। विशेषज्ञों की राय में यह उछाल खासतौर पर मई 2025 में शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के सफल प्रदर्शन की वजह से आया। इस ऑपरेशन ने भारत के हालिया कॉम्बैट एक्सपीरियंस को मजबूत किया और दुनिया को इसके बेहतर सैन्य कौशल का संकेत दिया। इस वजह से भारत की कुल सैन्य रेटिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विज्ञापन

 

आर्थिक रिश्तों में भारत आगे बढ़ा
इंडेक्स के अनुसार भारत आर्थिक संबंधों की कैटेगरी में नौवें स्थान पर पहुंच गया है। खास बात यह है कि भारत ने आवक निवेश के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है और अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा विदेशी निवेश आकर्षित करने वाला देश बन गया है। आर्थिक मोर्चे पर यह सुधार भारत की क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति को और मजबूत करता है तथा इसकी पावर स्कोर में सीधे योगदान देता है।

ये भी पढ़ें- 'ऑपरेशन सिंदूर भविष्य की एक झलक मात्र', एयर मार्शल बोले- अब सिर्फ जमीन पर नहीं लड़े जा रहे युद्ध

रक्षा नेटवर्क में गिरावट
हालांकि रिपोर्ट में भारत की रक्षा साझेदारियों में कमजोरी भी उजागर हुई है। भारत रक्षा नेटवर्क कैटेगरी में दो स्थान नीचे गिरकर 11वें नंबर पर पहुंच गया है। इस सूची में फिलीपींस और थाईलैंड ने भारत को पीछे छोड़ दिया। इंडेक्स के अनुसार भारत को क्षेत्रीय रक्षा सहयोग और साझेदारियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। यह कमी भारत की पावर स्कोर में आगे और तेज बढ़त को सीमित करती है।
विज्ञापन

तकनीक और कनेक्टिविटी में स्थिर सुधार
इंडेक्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी, भू-राजनीतिक प्रभाव और तकनीकी विकास में भारत ने मध्यम लेकिन स्थिर सुधार दिखाया है। वैश्विक मंचों पर भारत की सक्रियता, तकनीकी रूप से खुद को उन्नत करने की कोशिशें और आर्थिक संरचना में मजबूती ने मिलकर उसे ‘मेजर पावर’ कैटेगरी तक पहुंचाया है। रिपोर्ट बताती है कि भारत की यह स्थिति आने वाले वर्षों में और मजबूत हो सकती है।

बड़ी छलांग, लेकिन चुनौतियां जारी
लोवी इंस्टिट्यूट ने निष्कर्ष दिया कि भारत की सैन्य क्षमता और आर्थिक गति ने एशिया में उसकी स्थिति काफी मजबूत की है। फिर भी चीन और अमेरिका से तुलना में भारत अभी दूर है। भारत के पास अपार क्षमता है, लेकिन रक्षा साझेदारी, क्षेत्रीय लीडरशिप और तकनीकी प्रभुत्व जैसे क्षेत्रों में और काम करने की जरूरत है। इसके बावजूद भारत का ‘मेजर पावर’ दर्जा उसकी बढ़ती ताकत और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का स्पष्ट संकेत देता है।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें