जेडीएस सांसद प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज हो गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने खुद इसकी जानकारी दी है। सीएम ने पुलिस को निर्देश दिया कि मैसूर जिले के कृष्णराज नगर की रहने वाली पीड़िता का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया है, उसका पता लगाया जाए और उन्हें सुरक्षित लाया जाए। बता दें, रेवन्ना कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से सांसद हैं और इस बार भी उन्हें एनडीए की ओर से उम्मीदवार बनाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता तीन बच्चों की मां है। उसके 20 वर्षीय बेटे ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के विश्वासपात्र और होलेनरसिपुरा विधायक सतीश बबन्ना ने कथित तौर पर महिला का घर से अपहरण कर लिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उन्होंने सतीश बबन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। विधायक से पूछताछ की जा रही है।
महिला की बात को मानना ही होगा
सीएम का आरोप है कि भाजपा ने रेवन्ना मामले में गलत किया है। सीएम का कहना है कि भाजपा और जेडीएस दोनों को प्रज्ज्वल रेवन्ना के वीडियो के बारे में पता था। रेवन्ना ने महिलाओं के साथ सिर्फ यौन उत्पीड़न नहीं बल्कि महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया है। रेवन्ना के खिलाफ इसलिए दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया है। पीड़ित महिला का समर्थन करते हुए सीएम ने कहा कि क्या कोई महिला झूठ बोलेगी कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। क्या शिकायत के बाद महिला की जिंदगी बर्बाद नहीं हो जाएगी। अगर शादीशुदा महिला खुलेआम बोलती है कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है तो हमें उसे मानना होगा।
रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने की मांग
सीएम ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि अगर जेडीए नेतृत्व का कहना है कि वे जांच में सहयोग करेंगे तो देवेगौड़ा और उनके बेटे कुमारस्वामी ने वकीलों को क्यों बुलाया। उन्होंने वकीलों के साथ क्यों चर्चा की। सीएम ने आगे कहा कि प्रज्ज्वल जिस भी देश में होगा, हम उसे वहां से लाएंगे। मैंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उनका राजनयिक पासपोर्ट रद्द किया जाए। एक बार पासपोर्ट रद्द हो गया तो फिर वे विदेश में नहीं रह सकते। उन्हें भारत आना पड़ेगा।
पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना को दूसरा नोटिस
कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ जी परमेश्वर ने शुक्रवार को कहा कि जेडीएस विधायक और पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना को उनके खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ और अपहरण के मामले में दूसरा नोटिस दिया गया है। मीडिया से बात करते हुए परमेश्वर ने बताया कि पहले सीआरपीसी के तहत नोटिस दिया गया था, जिस पर प्रज्ज्वल रेवन्ना के वकीलों ने सात दिन का समय मांगा था। इस पर विशेष जांच दल ने कहा कि उन्हें समय देना संभव नहीं क्योंकि ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं है। वहीं, एचडी रेवन्ना ने नोटिस पर 24 घंटे का समय मांगा है।
बंदूक की नोक पर बलात्कार किया; वीडियो भी बनाई
प्रज्ज्वल रेवन्ना प्रकरण में एक जेडीएस कार्यकर्ता ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यकर्ता का आरोप है कि प्रज्ज्वल ने बंदूक की नोक पर बलात्कार किया और वीडियो भी बनाई। शिकायतकर्ता महिला के मुताबिक प्रज्ज्वल उसे सांसद आवास में ले गया था। उसने बंदूक की नोक पर अपराध को अंजाम दिया और धमकी दी कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो वह उसे और उसके पति को मार डालेगा। महिला के मुताबिक उसे अपनी हवस पूरी करने के लिए कई बार मजबूर किया गया। सहयोग न करने पर उसका वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी भी दी गई। बता दें कि 33 साल के सांसद प्रज्ज्वल पर कई महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप है। बलात्कार के आरोपों के अलावा, मामले की जांच कर रही कर्नाटक पुलिस की सीआईडी ने प्रज्ज्वल के खिलाफ शिकायतकर्ता को धमकाकर ताक-झांक करने, कपड़े उतारने, वीडियो बनाने और तस्वीरें लेने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।