महाराष्ट्र में बारसु रिफाइनरी परियोजना को लेकर राजनीतिक घमासान तेज होता जा रहा है। इस रिफाइनरी परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे खड़े नजर आ रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि रत्नागिरी जिले के बारसू गांव में प्रस्तावित रिफाइनरी परियोजना को स्थानीय लोगों की सहमति के बिना लागू नहीं किया जाएगा और उन्होंने क्षेत्र में शांति की अपील की।
सीएम शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) का जिक्र करते हुए मुंबई में मीडिया से कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री ने खुद केंद्र सरकार को बारसू साइट का सुझाव दिया था। सीएम का पद गंवाने के बाद, वह परियोजना का विरोध कर रहे हैं। किसी के पास इस तरह के दोहरे मानदंड नहीं हो सकते। उद्धव ठाकरे की पार्टी अब रिफाइनरी का विरोध कर रहे ग्रामीणों के वर्ग का समर्थन कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों की सरकार हैं और हम उनके खिलाफ नहीं हैं। हम स्थानीय लोगों की सहमति के बिना आगे नहीं बढ़ेंगे।
शिंदे ने यह भी दावा किया कि 70 प्रतिशत से अधिक स्थानीय लोग परियोजना का समर्थन कर रहे हैं क्योंकि इससे रोजगार पैदा होगा। उन्होंने कहा कि हम परियोजना का विरोध करने वाले बाकी 30 फीसदी लोगों को इसके फायदे बताएंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
दोपहर में प्रदर्शनकारियों में शामिल होने के बाद पुलिस ने बारसू गांव में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद विनायक राउत को हिरासत में ले लिया।
अधिकारियों ने कहा कि शाम को उन्हें रिहा कर दिया गया। इसके अलावा, 167 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि उन्हें शनिवार को राजापुर अदालत में पेश किया जाएगा।
एक अधिकारी ने कहा कि बारसू-सोलगांव में पिछले चार दिनों से आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों से पुलिस ने घर लौटने के लिए कहा। लेकिन जब उन्होंने हटने से इनकार कर दिया, तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें हटाना शुरू कर दिया। अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को घटनास्थल से तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की दो कंपनियों, लगभग 1,000 पुलिस कांस्टेबलों और 120 अधिकारियों को विरोध स्थल पर तैनात किया गया था। इस बीच, राकांपा नेता अजित पवार ने कहा कि सरकार को स्थानीय लोगों को विश्वास में लेना चाहिए और इस मुद्दे को संवेदनशील तरीके से संभालना चाहिए। पवार ने कहा कि उद्योग मंत्री उदय सामंत ने उनसे कहा है कि परियोजना के कारण एक भी घर या गांव विस्थापित नहीं होगा।