महाराष्ट्र भाजपा के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को विधानसभा चुनावों के लिए सीट-शेयरिंग के मामले में बलिदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए, जैसा कि भाजपा ने गठबंधन बनाए रखने के लिए दिया है। बावनकुले का यह बयान उस समय आया है, जब चुनाव आयोग ने राज्य विधानसभा की 288 सीटों के लिए चुनावी कार्यक्रम घोषित किया है। मतदान 20 नवंबर को होगा और नतीजे 23 नवंबर को आएंगे।
बावनकुले ने नागपुर में एक मराठी समाचार चैनल से बातचीत में कहा, "मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को खुले विचार रखकर बलिदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमने भी गठबंधन को बनाए रखने के लिए बलिदान दिया है। यह स्पष्ट है कि भाजपा उन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जो पहले उसके पास थीं।"
उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि गठबंधन में प्रमुख दल होने के नाते भाजपा अधिक सीटों की मांग करे। यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भाजपा, शिवसेना (मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी) के साथ गठबंधन करते समय मुख्यमंत्री का पद छोड़े, बावनकुले ने कहा, मुझे नहीं पता कि गृह मंत्री शाह ने शिंदे से क्या कहा। यह सही है कि मुख्यमंत्री सबसे ऊंचा पद होता है और यह सरकार का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, आम कार्यकर्ता मानते हैं कि भले ही मुख्यमंत्री का एकनाथ शिंदे के पास हो, भाजपा के पास ज्यादा विधायक हैं। निगम और मंत्री पद भाजपा के पास होने चाहिए। बावनकुले ने कहा कि उन्होंने शिंदे से अनुरोध किया है कि भाजपा एक बड़े दल के रूप में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने का अधिकार रखती है। उन्होंने कहा, यह तय करना आसान नहीं है कि किसने अधिक बलिदान दिया।
बावनकुले ने कहा, मुख्यमंत्री के रूप में वह विधानसभा चुनाव में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की उम्मीद कर सकते थे। हालांकि, गठबंधन के भीतर तनाव के साथ चुनाव में उतरना संभव नहीं है। हमारा रुख यह है कि हमें उन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए, जो पहले से ही हमारे पास थीं। हमारी स्थिति यह है कि हमें उन सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए जो हमने पहले जीती थीं। उन्होंने कहा कि केवल संख्या के लिए अधिक सीटों की मांग करना सही नहीं है।
नई दिल्ली में भाजपा नेताओं की बैठक के एजेंडे के बारे में पूछे जाने पर बावनकुले ने कहा, हम उम्मीदवारों और उन सीटों पर चर्चा करेंगे जिन पर हम चुनाव लड़ना चाहते हैं। कुछ सीटें ऐसी हैं जिन्हें हमने 2019 के विधानसभा चुनावों में बहुत कम मतों से खो दिया था। उन्होंने कहा, हम उन सीटों पर विचार करेंगे, जो भाजपा ने जीती हैं और जिन पर हमने पिछली बार अच्छा प्रदर्शन किया।