तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने के लिए कदम बढ़ा दिया है। उन्होंने मंगलवार को इसी संदर्भ में बड़ा एलान किया है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि आगामी 18 जुलाई से राज्य में कृषि ऋण माफी को लागू किया जाएगा। सीएम रेवंत रेड्डी के कार्यालय (सीएमओ) ने इस बारे में जानकारी सार्वजनिक की है। सीएमओ ने बताया कि इस माफी के तहत किसानों के एक लाख रुपये तक के ऋण माफ किए जाएंगे। सरकार 18 जुलाई को किसानों के ऋण को जमा करेगी।
सीएमओ ने यह भी बताया कि इस संबंध में बैंकों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि किसानों के हितों के लिए जारी ऋण माफी निधि का दुरुपयोग ना किया जाए। यदि कोई भी बैंकर इस धन को दूसरे खातों में जमा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पिछले साल राज्य में विधानसभा चुनाव हुए थे। इन चुनावों में छह गारंटी के अलावा कृषि ऋण माफी कांग्रेस के प्रमुख वादों में से एक थी। अन्य छह गारंटी में 'महालक्ष्मी', 'रायथु बंधू', 'गृह ज्योति', 'इंदिरम्मा इंडलू', 'युवा विकासम' और 'चेयुथा' थी। हालांकि, विपक्ष ने सरकार की ओर से एक लाख रुपये की घोषणा की आलोचना की है। उसका कहना है कि कांग्रेस ने शुरू में दो लाख रुपये की कर्ज माफी देने का वादा किया था। पहले खबर आई थी कि कर्ज माफ करने के लिए राज्य सरकार 31 हजार करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। लेकिन उस वक्त प्रति किसान की सीमा दो लाख रुपये थी।
वहीं, मलकाजगिरी से भाजपा सांसद एटाला राजेंदे ने मुख्यमंत्री रेड्डी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शर्तें थोपकर अपने वादों से भाग रही है। उन्होंने मांग की कि दो लाख रुपये तक के कृषि ऋण को तुरंत माफ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, कांग्रस सरकार कई शर्तें लगाकर 69 लाख किसानों के दो-दो लाख रुपये के कर्ज माफ करने के अपने वादे से भागने की कोशिश कर रही है। हम मांग करते हैं कि सरकार बिना शर्त के कर्ज माफ करे।