देश के विभिन्न हिस्सों में क्रिसमस समारोहों पर हो रहे हमलों को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसे घटनाक्रम न सिर्फ शांति और भाईचारे के संदेश को कमजोर करते हैं, बल्कि भारत की संवैधानिक और बहुलतावादी परंपरा पर भी सीधा प्रहार हैं। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेताया कि धार्मिक असहिष्णुता को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों से क्रिसमस समारोहों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने इसे गंभीर और परेशान करने वाला बताया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर सुनियोजित तरीके से ईसाई समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है।
क्रिसमस की अहमियत घटाने की कोशिश?
पिनराई विजयन ने उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां क्रिसमस की छुट्टी रद्द कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाने और छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले क्रिसमस के महत्व को कम करने की कोशिश को दर्शाते हैं।
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डाकघरों से लेकर कैरल ग्रुप तक विवाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल को इन प्रवृत्तियों से मुक्त माना जाता था, लेकिन हाल के दिनों में यहां भी चिंता बढ़ाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कुछ डाकघरों में भाजपा से संबद्ध बीएमएस यूनियन ने क्रिसमस और नववर्ष समारोह में आरएसएस गणगीत गाने की मांग रखी। विरोध के बाद तिरुवनंतपुरम के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने डाकघरों में क्रिसमस कार्यक्रम रद्द कर दिए।
पालक्कड़ की घटना पर सख्त रुख
विजयन ने पालक्कड़ जिले के पुदुसेरी में बच्चों की कैरल टोली पर हुए कथित हमले का जिक्र किया और इसके लिए संघ परिवार से जुड़े तत्वों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कुछ भाजपा नेताओं द्वारा हमलावरों का बचाव और कैरल टीम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां बेहद निंदनीय हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
संविधान और धर्मनिरपेक्षता की बात
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि केरल में किसी भी तरह से संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक नफरत फैलाने या समाज को बांटने की कोशिशों के खिलाफ सरकार कठोर कदम उठाएगी। साथ ही उन्होंने आरएसएस से जुड़े संगठनों पर देश की बहुलतावादी सोच के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।
विजयन ने बताया कि निजी स्कूलों पर क्रिसमस कार्यक्रम न करने के लिए कथित दबाव और धमकियों की भी जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि क्रिसमस और नववर्ष के दौरान शांति, सद्भाव और सह-अस्तित्व बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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