राज्य के कार्यस्थलों में महिलाओं को समान वेतन की वकालत करते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि केरल लैंगिक ऑडिट करवाएगा, जो राज्य में महिलाओं के लिए समान वेतन सुनिश्चित करेगा। केंद्र पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ चुनावी वादे ही करते हैं।
लोकसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीति दलों ने कसर कस ली है। इस बीच, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के कार्यस्थलों पर लैंगिक ऑडिट(जेंडर ऑडिट) कराया जाएगा। जिसके बाद पुरुषों के बराबर महिलाओं के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। महिला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम विजयन ने कहा कि महिलाओं के लिए नौकरियों को ज्यादा अनुकूल बनाया जाना चाहिए।
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रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस- विजयन
सीएम विजयन ने अपने संबोधन में कहा कि पहले केवल महिलाओं को शिक्षित करने पर जोर दिया जाता था, लेकिन अब समय की मांग है कि उन्हें कार्यस्थलों में भाग लेने के लिए जागरूक किया जाए। साथ ही सीएम विजयन ने नौकरियों को महिलाओं के लिए ज्यादा अनुकूल बनाए जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला-पुरुष को समान वेतन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सभी राज्य विश्वविद्यालयों में छात्रों के लिए मासिक धर्म की छुट्टी शुरू करने वाले केरल राज्य अब देश में एक रोल मॉडल बन गया है।
लिंग बजटिंग मामले में केंद्र के वादे हुए फिसड्डी साबित- विजयन
उच्च शिक्षा पर राष्ट्रीय सर्वेक्षण का जिक्र करते हुए सीएम विजयन ने कहा कि केरल में उच्च शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केरल 1997 में स्थानीय सरकारी निकायों में महिलाओं के लिए बजटिंग लागू करने वाला पहला राज्य था। केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए सीएम विजयन ने कहा कि वह केवल नाम के लिए लिंग बजटिंग का पालन करती है, एक बार भी यह आंकड़ा कुल बजट के छह प्रतिशत से ऊपर नहीं गया है। केरल में लिंग बजट इस साल कुल बजट का 21.5 प्रतिशत है। 2017-18 के बाद से वार्षिक लिंग बजट हर साल राज्य के बजट के साथ पेश किया गया है।