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नीतीश की मुश्किलें बढ़ी, MLC की सदस्यता रद्द कराने की याचिका पर होगी सुनवाई

Sat, 09 Sep 2017 06:50 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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nitish kumar
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए सोमवार बेहद अहम होने वाला है। लंबित आपराधिक मामले की जानकारी चुनावी हलफनामे में न देने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विधान परिषद की सदस्ययता रद्द करने की गुहार संबंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। 
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वकील एमएल शर्मा द्वारा दायर इस याचिका में कहा गया कि नीतीश ने सालों तक चुनावी हलफनामे में यह जानकारी नहीं दी थी कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है। याचिका में कहा गया कि नीतीश कुमार एक स्थानीय कांग्रेसी नेता सीताराम सिंह की हत्या के मामले में आरोपी हैं।

वर्ष 1991 में बाढ़ लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव से पहले ही यह घटना है। याचिका में कहा गया कि चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक, सभी उम्मीदवारों के लिए नामांकन के वक्त हलफनामे में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का जिक्र करना जरूरी है।
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लेकिन नीतीश कुमार ने सालों तक अपने हलफनामे में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे का जिक्र ही नहीं किया। यह जरूर है कि वर्ष 2012 के हलफनामे में नीतीश कुमार ने इस आपराधिक मुकदमे की जानकारी दी थी। याचिका में कहा गया कि चूंकि सालों तक नीतीश कुमार ने इस जानकारी को छिपाए रखा, इसलिए उनकी विधान परिषद की सदस्यता रद्द होनी चाहिए।
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