स्टालिन ने अपने पत्र में कहा कि श्रीलंकाई नौसेना द्वारा मछली पकड़ने वाली नावों के साथ 12 मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था। इस घटना से तमिलनाडु के मछुआरे डरे हुए हैं और इससे तटीय इलाके में भय और असुरक्षा की भावना उत्पन्न होने की आशंका है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने सोमवार को केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है। स्टालिन ने श्रीलंका द्वारा 12 भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी के संबंध में केंद्र सरकार से अपील की है। उन्होंने इस मामले को राजनयिक माध्यम से उठाने का आग्रह किया। स्टालिन ने कहा कि केंद्र सरकार उन मछुआरों की तत्काल रिहाई और उनकी नावों की वापसी भी सुनिश्चित करे। इस बाबत उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा है। पत्र में सीएम स्टालिन ने कहा है कि भारतीय मछुआरों की तत्काल रिहाई के लिए उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। पत्र की एक कॉपी मीडिया को भी उपलब्ध कराई गई।
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तमिलनाडु के मछुआरे डरे हुए हैं- स्टालिन
स्टालिन ने अपने पत्र में कहा कि श्रीलंकाई नौसेना द्वारा मछली पकड़ने वाली नावों के साथ 12 मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें सात मछुआरे तमिलनाडु के और पांच पुडुचेरी के हैं। इस घटना के संबंध में आपका तत्काल और व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। इस घटना से तमिलनाडु के मछुआरे डरे हुए हैं और इससे तटीय इलाके में भय और असुरक्षा की भावना उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर से इस मामले को उपयुक्त राजनयिक चैनलों के माध्यम से उठाने और 12 मछुआरों को उनकी नावों सहित रिहा कराने का अनुरोध किया।
गौरतलब है कि इन मछुआरो को तीन जुलाई को श्रीलंकाई जल सेना के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार मछुआरों को उत्तरी जाफना प्रायद्वीप के मायलादी ले जाया गया है, जहां उन्हें मत्स्य निदेशालय को सौंप दिया जाएगा। 15 जून तक राज्य की तटीय सीमा पर मछली पकड़ने पर प्रतिबंध था। 61 दिनों की वार्षिक प्रतिबंध अवधि के बाद तमिलनाडु के मछुआरों ने मछली पकड़ना फिर शुरू किया था।