फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्र: सुलझ सकता है मराठा आरक्षण का मुद्दा, सरकार ने जारी किया मसौदा अध्यादेश, जरांगे ने वापस लिया अनशन

Sat, 27 Jan 2024 09:19 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

सीएम कार्यालय की मानें तो प्रतिनिधिमंडल में सामाजिक न्याय विभाग के सचिव सुमंत भांगे, औरंगाबाद संभागायुक्त मधुकर अरंगल, सीएम के निजी सचिव अमोल शिंदे सहित अन्य लोग शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो जरांगे ने दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल की योजना बनाई है।
विज्ञापन
Eknath Shinde - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन की मांग एक बार फिर बढ़ गई है। इस बीच शुक्रवार रात महाराष्ट्र सरकार आंदोलन प्रमुख मनोज जरांगे की मांगों के संबंध में एक मसौदा अध्यादेश ले आई है। सीएम कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जरांगे की मांगों पर चर्चा करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की और देर रात कार्यकर्ताओं से मुलाकात के लिए एक मसौदा अध्यादेश के साथ प्रतिनिधिमंडल भेजा है। बता दें, हजारों समर्थकों के साथ जरांगे ने नवी मुंबई में डेरा डाल दिया है।

विज्ञापन


हमारा विरोध अब खत्म हो गया...
वहीं, मसौदा अध्यादेश जारी होने के बाद मनोज जरांगे ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अच्छा काम किया है। हमारा विरोध अब खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने हमारी मांगे मान ली हैं। हम उनका पत्र स्वीकार करेंगे। मैं शनिवार को सीएम शिंदे के हाथ से जूस पी कर विरोध प्रदर्शन खत्म करूंगा।

समाधान पर पहुंचा मराठा आरक्षण आंदोलन
सरकार के फैसले के बाद महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन समाधान पर पहुंच गया है...शुक्रवार को जो अध्यादेश पारित हुआ है, उसमें सभी समस्याओं का समाधान है। मनोज जरांगे ने घोषणा की है कि उनकी मांगों का समाधान हो गया है, इसलिए वह अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले रहे हैं। सीएम एकनाथ शिंदे जूस पिलाकर मनोज जरांगे पाटिल का अनशन खत्म कराएंगे।

सीएम कार्यालय ने दी जानकारी

विज्ञापन

सीएम कार्यालय की मानें तो प्रतिनिधिमंडल में सामाजिक न्याय विभाग के सचिव सुमंत भांगे, औरंगाबाद संभागायुक्त मधुकर अरंगल, सीएम के निजी सचिव अमोल शिंदे सहित अन्य लोग शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो जरांगे  ने दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल की योजना बनाई है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर रात तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वह अपने समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन के लिए मुंबई में प्रवेश कर जाएंगे। 

मुंबई में भूख हड़ताल का एलान
इससे पहले, शुक्रवार दोपहर नवी मुंबई के वाशी स्थित शिवाजी चौक पर जरांगे ने एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं एक कदम पीछे ले रहा हूं। मैंने खाना बंद कर दिया है। मैं सिर्फ पानी पी रहा हूं। अगर आज रात विभिन्न मांगों को पूरा करने के लिए अध्यादेश जारी नहीं किया गया तो मैं कल मुंबई आऊंगा। मैं कल आजाद मैदान जाऊंगा। सरकार को मुफ्त शिक्षा नीति में संशोधन करना चाहिए, ताकि लड़कियों के साथ-साथ लड़कों को भी मुफ्त शिक्षा मिल सके। सभी मराठों को "केजी से पीजी" तक मुफ्त शिक्षा मिलनी चाहिए जब तक कि पूरे समुदाय को आरक्षण नहीं मिल जाता। वर्तमान सरकारी नौकरियों में भी मराठों के लिए कुछ सीटें आरक्षित की जानी चाहिए।

पुलिस अधिकारियों ने भी की मुलाकात 
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (विशेष शाखा) वीरेंद्र मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्व) विनायक देशमुख और पुलिस उपायुक्त पुरूषोत्तम कराड सहित मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के एक दल ने भी जरांगे से नवी मुंबई में मुलाकात की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें