असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में कई जिहादी आतंकी माड्यूल अभी सक्रिय हैं। असम पुलिस इन आतंकी मॉड्यूलों का भंड़ाफोड़ करने में लगी है। रविवार को असम के कार्बी आंगलोंग जिले के दीफू में पत्रकारों से बात करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि असम आतंक के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। इसी क्रम में आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए असम पुलिस ने हाल ही में भारतीय उपमहाद्वीप में बांग्लादेश से संचालित होने वाले अल-कायदा(एक्यूआईएस) से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि हमने गुप्त सूचना के आधार पर असम में जिहादी गतिविधियों के खिलाफ काम करने के लिए एक विशेष विंग का गठन किया था। अब असम पुलिस ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल को पकड़ा है। उन्होंने कहा कि हमें इस पर बहुत काम करना है। हमारी जानकारी के अनुसार राज्य में कई आतंकी मॉड्यूल सक्रिय हैं। असम में हम अपने स्रोतों को विकसित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पकड़े गए जिहादियों से पूछताछ के दौरान जो जानकारी मिली है, उससे पता चलता है कि भविष्य में यह असम के लिए बड़ा खतरा है।
गौरतलब है कि शनिवार को असम पुलिस ने भारतीय उपमहाद्वीप में बांग्लादेश से संचाचित होने वाले अल कायदा (AQIS) से जुड़े हुए बांग्लादेश के एक महत्वपूर्ण जिहादी संगठन के एक बांग्लादेशी नागरिक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मोहम्मद सुमन उर्फ सैफुल इस्लाम उर्फ हारून राशिद ढकलियापारा जो बांग्लादेश के नारायणगंज जिले के अरैहाजार थाना क्षेत्र के अतदी गांव के रहने वाला है, के रूप में हुई है। उसके अलावा अन्य तीन लोगों की पहचान असम के बारपेटा जिले के कलगछिया थाने के बालपाथर गांव के खैरुल इस्लाम, बारपेटा जिले के कलगछिया थाना अंतर्गत खरबली गांव के बादशाह सुलेमान खान और नौशाद अली के रूप में हुई है। इनके अलावा पांचवे व्यक्ति की पहचान बारपेटा जिले के हाउली थाना अंतर्गत ढकलियापारा गांव के तैमूर रहमान खान के रूप में हुई है।
शनिवार को असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत ने इस कार्रवाई की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि अब तक की गई प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सैफुल इस्लाम उर्फ हारुन राशिद उर्फ मोहम्मद सुमन जो बांग्लादेश का नागरिक है और अवैध रूप से भारत में घुसकर ढकलियापारा मस्जिद में शिक्षक बनकर रहता था।
भास्कर ज्योति महंत ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक सैफुल इस्लाम उर्फ हारुन राशिद उर्फ मोहम्मद सुमन 2019 में असम आया था। यहां वह बारपेटा जिले को जिहादी कामों और अल कायदा और उससे संबंधित संगठन की गैरकानूनी गतिविधियों के लिए केंद्र बना रहा था। ये सभी अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) या अंसारुल इस्लाम से जुड़े हुए हैं। ये सभी इलाके के लोगों को इस जिहादी संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करते थे और इलाके में कट्टरपंथ फैलाते थे।