असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम सिविल सेवा भर्ती में घोटाले की रिपोर्ट को आए हुए तीन दिन बीत चुके हैं। हैरानी बात है कि अभी तक कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का इस पर कोई बयान नहीं है। उन्होंने कहा कि गौरव को अपने पिता का बचाव करना चाहिए।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से कहा कि उन्हें अपने पिता तरुण गोगोई का बचाव करना चाहिए। सीएम सरमा का यह बयान तब आया है, जब एक सरकारी रिपोर्ट में तरुण गोगोई पर असम सिविल सेवा भर्ती में 'नौकरी के लिए नकद' घोटाले का आरोप लगाया गया।
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सीएम सरमा ने असम विधानसभा में राज्यपाल के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में चर्चा के दौरान कहा कि कांग्रेस के आग्रह के बाद उन्हें रिपोर्ट पेश करनी पड़ी। उन्होंने कहा, 'अजीब बात यह है कि रिपोर्ट आए हुए तीन दिन बीत चुके हैं। पिता पर आरोप लगने के बाद भी गौरव का कोई बयान नहीं आया है।' मुख्यमंत्री ने कहा कि तरुण गोगोई अब नहीं रहे। मैं कभी नहीं चाहता था कि लोग उन्हें एपीएससी में भ्रष्टाचार से जोड़कर याद करें।
रिपोर्ट में पॉल की नियुक्ति और गोगोई की भूमिका जिक्र
रिपोर्ट असम विधानसभा में इस सप्ताह की शुरुआत में पेश की गई, जिसमें बताया गया है कि असम लोक सेवा आयोग (APSC) की 2013 और 2014 में हुई संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) में अनियमितताएं थीं। रिपोर्ट में मुख्य आरोपी राकेश कुमार पॉल की नियुक्ति और तरुण गोगोई की भूमिका का जिक्र किया गया है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री ने पहले APSC का सदस्य और बाद में अध्यक्ष नियुक्त किया था।
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पॉल ने APSC को नौकरियां बेचने वाली दुकान बनाया: रिपोर्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि पॉल की नियुक्ति केवल एक निजी आवेदन के आधार पर की गई थी, जिसे 6 सितंबर, 2008 को गोगोई को सौंपा गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिना किसी सत्यापन के की गई पॉल की नियुक्ति ने भ्रष्टाचार का मार्ग प्रशस्त किया और पॉल ने APSC को 'नौकरियां बेचने वाली दुकान' बना दिया।
पॉल ने गौरव की शादी में दिए महंगे उपहार
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि राकेश कुमार पॉल ने गौरव गोगोई को शादी के उपहार के रूप में सोने के आभूषण भेंट किए थे। सीएम सरमा ने आरोप लगाया कि गौरव ने अपनी शादी में मिले महंगे उपहारों के बारे में आयकर विभाग को नहीं बताया।