सीएम सरमा के कार्यकाल द्वारा जारी बयान के अनुसार ये चेक मंगलवार शाम सिलचर में आयोजित एक कार्यक्रम में वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान सीएम सरमा ने यह भी कहा कि उनकी सरकार डोलू चाय बागान के अस्थाई कर्मचारियों को भी एक-एक लाख की सहायता देगी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कछार जिले के डोलू टी एस्टेट में रहने वाले 1,296 परिवारों को 1-1 लाख रुपये का चेक सौंपा है। इस चाय बागान का एक हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया है। इसके बाद से इन परिवारों के पुनर्वास को लेकर विवाद छिड़ गया था।
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सीएम सरमा के कार्यकाल द्वारा जारी बयान के अनुसार ये चेक मंगलवार शाम सिलचर में आयोजित एक कार्यक्रम में वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान सीएम सरमा ने यह भी कहा कि उनकी सरकार डोलू चाय बागान के अस्थाई कर्मचारियों को भी एक-एक लाख की सहायता देगी।
उन्होंने कहा कि चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिकों व लोगों का कल्याण उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ये बागान क्षेत्र के सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास का काम करते हैं। सीएम ने यह भी कहा कि उनकी सरकार एस्टेट के स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति करेगी ताकि वहां के बच्चों का शैक्षणिक विकास हो सके।
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चाय बागान क्षेत्रों में मुफ्त बिजली पर विचार
उन्होंने चाय बागानों में रहने वाले परिवारों से मेडिकल कॉलेजों में अपने बच्चों के लिए निर्धारित आरक्षण का अच्छे से उपयोग करने की भी अपील की। सरमा ने कहा कि शिक्षा मानव संसाधन विकास का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। सरमा ने कहा कि उनकी सरकार राज्य भर के चाय बागान क्षेत्रों में मुफ्त बिजली देने की योजना पर काम कर रही है।
डोलू टी एस्टेट के गरीबों को ओरुनोदोई योजना में शामिल करेंगे
असम के सीएम सरमा ने कहा कि डोलू टी एस्टेट में गरीब परिवारों को ओरुनोदोई लाभार्थियों की सूची में शामिल किया जाएगा। इसमें शामिल होने के बाद प्रत्येक परिवार 1,250 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता का हकदार होगा।
हवाई अड्डे आर्थिक समृद्धि के अग्रदूत
डोलू टी एस्टेट में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना के बारे में सीएम ने कहा कि हवाई अड्डे किसी क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि का अग्रदूत होते हैं। डोलू में प्रस्तावित हवाई अड्डा बराक घाटी क्षेत्र के अभूतपूर्व आर्थिक विकास की शुरूआत करेगा। कुंभीरग्राम में एक रक्षा हवाई अड्डा है, वहां हवाई यातायात की बढ़ती मांगों को पूरी करना संभव नहीं है।