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Assam-Meghalaya Tension: सीएम संगमा बोले- सीमावर्ती इलाके नियंत्रण में, स्थायी शांति के लिए संवाद महत्वपूर्ण

Tue, 26 Aug 2025 11:34 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग

सार

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा है कि असम-मेघालय सीमा पर हालात फिलहाल काबू में हैं, लेकिन पुराने विवादों की वजह से कभी-कभी छोटी-मोटी घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद काफी पुराना और जटिल है। यह विवाद 1969 के असम पुनर्गठन कानून से जुड़ा है और करीब 885 किलोमीटर लंबी सीमा पर 12 जगहों को लेकर मतभेद है।
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कॉनराड के. संगमा, सीएम, मेघालय - फोटो : ANI
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विस्तार
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मेघायल के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को कहा कि असम से सटे सीमावर्ती इलाकों में स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि उन्होंने आगाह भी किया कि लंबे समय से चले आ रहे विवादों के कारण छिटपुट घटनाएं संभव हैं। 

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सीएम संगमा ने तनाव को एक जटिल मुद्दा बताया, जिसका इतिहास गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि कभी-कभार टकराव होता है, लेकिन सरकार जनता के समर्थन से कुछ हद तक तनाव कम करने में कामयाब रही है।

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1969 के असम पुनर्गठन से जुड़ा है सीमा विवाद 
असम और मेघालय के बीच विवाद 1969 के असम पुनर्गठन (मेघालय) अधिनियम से जुड़ा है। इसमें 884.9 किलोमीटर लंबी सीमा पर 12 विवादित क्षेत्र शामिल हैं। संगमा ने संवाददाताओं से कहा, दोनों राज्यों की सरकारों ने बातचीत के जरिये इन विवादों को सुलझाने के लिए कदम उठाए हैं। 2022 में, असम और मेघालय ने छह विवादित क्षेत्रों के सीमांकन के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए, जो शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शेष छह मतभेदों को दूर करने के लिए समितियां गठित 
सीएम संगमा ने कहा कि हाहिम जैसे स्थानों पर सीमा स्तंभों की स्थापना इन समझौतों के कार्यान्वयन का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शेष छह मतभेदों को दूर करने के लिए क्षेत्रीय समितियों का गठन किया गया है, जिनका उद्देश्य स्थानीय समुदायों को शामिल करना और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधानों की पहचान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'ये समितियां यह सुनिश्चित करेंगी कि बातचीत जारी रहे और विवादों का व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से समाधान किया जाए।'
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असम में चुनाव के कारण इस समय तनाव कुछ कम
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि असम में चुनाव होने के कारण इस समय तनाव कुछ कम है और उनकी सरकार चाहती है कि इस मौके का इस्तेमाल करके लंबे समय के लिए शांति कायम की जाए। उन्होंने कहा, 'यह मामला आसान नहीं है, लेकिन हम सही तरीके से और लोगों को शामिल करके आगे बढ़ना चाहते हैं। हमारा मकसद है कि सीमा पर रहने वाले लोग बिना डर के शांति से जिंदगी बिता सकें।'

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